डीरेका कैंपस में गुरुवार की सुबह आठ बजे गैस पर नाश्ता बनाते समय फिटर केशवचंद महतो की पत्नी और सात साल की बेटी जिंदा जल गईं। घटना के करीब एक घंटे पहले ही केशवचंद ड्यूटी पर निकले थे। बेटी के लिए नाश्ता बनाने के दौरान उनकी पत्नी आग की चपेट में आ गईं। फिर बेटी भी जलने लगी।
मुख्य दरवाजा अंदर से बंद था। घर से धुआं उठता देख पड़ोसी दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे। तब तक करुणा और बेटी नेहा की मौत हो चुकी थी। पुलिस का कहना है कि गैस की आग से दोनों की मौत हुई है। हालांकि आग लगने की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी।
रांची के सोनातू निवासी केशवचंद डीरेका में लाइट असेंबली शॉप में फिटर हैं। वह कैंपस में फ्लैंट नंबर 613-जी में रहते हैं। उनके साथ पत्नी करुणा (29) और इंदिरा नगर स्थित एक निजी स्कूल में कक्षा एक में पढ़ने वाली इकलौती बेटी नेहा रहती थी। केशवचंद सुबह सात बजे ड्यूटी पर चले गए।
इसके बाद करुणा बेटी को स्कूल भेजने की तैयारी करने लग गई। करीब आठ बजे उसके लिए गैस पर नाश्ता बना रही थीं। इसी समय अचानक किचन में आग लग गई, जिससे मां-बेटी दोनों झुलस गईं। घर से धुआं निकलते देख लोग मौके पर जुटे।
ऊपरी तल पर रहने वाले छब्बे पाल ने दरवाजा तोड़ा तो लोग अंदर घुसे। तब तक पुलिस के साथ केशवचंद्र भी पहुंच गए। लोग अंदर पहुंचे तो करुणा और नेहा किचेन में पड़ी थीं और दोनों की मौत हो चुकी थी। उस समय गैस का एक चूल्हा जल रहा था। बगल के कमरे के परदे समेत कुछ सामान भी जल गए थे।
दोपहर में जांच के लिए फोरेंसिक टीम भी पहुंची। पड़ोसियों में यह भी चर्चा थी कि किचेन में घटना के दौरान मिक्सी चल रही थी। अनुमान है कि शाट सर्किट से आग लगी हो। एसओ मंडुवाडीह फरीद अहमद ने बताया कि जब पुलिस पहुंची तो कि चेन में गैस चूल्हा जल रहा था। आशंका है कि करुणा के शॉल में पहले आग लगी हो। मां को बचाने में बेटी भी जली होगी। पूरे मामले की जांच की जा रही है।