प्रमुख सराफा कारोबारी धन कुमार जैन उर्फ धन्नू पर 22 नवंबर की रात घर के सामने जानलेवा हमले का फर्जी खुलासा करके फंसी पुलिस गुरुवार को एक और नई कहानी के साथ सामने आई। इस बार पुलिस ने दवा किया कि हमला धन्नू के दिवंगत भाई प्रदीप जैन उर्फ बब्बे के साले विशाल अग्रवाल ने कराया था। इसके लिए पारस गैंग के शूटरों को 30 लाख रुपये सुपारी तय की गई थी। साजिश में धन्नू जैन की फर्म सीबी चेन्स का बिहार का पूर्व डिस्ट्रीब्यूटर अवधेश अग्रवाल भी शामिल रहा। पुलिस ने इन दोनों और एक शूटर समेत कुल चार लोग गिरफ्तार किए हैं।
इससे पहले 24 नवंबर को पुलिस ने खुलासा किया था कि हमला प्रॉपर्टी डीलर योगेश ने चौथ वसूली के लिए कराया था। नई कहानी एसएसपी डा. प्रीतिंदर सिंह ने पुलिस लाइन में मीडियाकर्मियों के सामने पेश की। उन्होंने बताया कि 1996 से डिस्ट्रीब्यूटर रहे अवधेश अग्रवाल को 2014 में धन कुमार जैन ने हटा दिया था। वह तभी से रंजिश मानने लगा था।
उधर, दिवंगत बब्बे के साले विशाल अग्रवाल को उसके भांजे की शादी में नहीं बुलाया गया था। उसकी बहन ने भी उससे रिश्ता तोड़ लिया था। इसलिए वह भी खुन्नस में था।
अवधेश और प्रदीप ने मिलकर साजिश रची। शूटरों के इंतजाम के लिए लोहार गली के नरेंद्र गोयल से संपर्क किया। उसकी रकाबगंज के हिस्ट्रीशीटर रवि उर्फ टमाटर से दोस्ती थी। टमाटर ने पारस गैंग के राजेश उर्फ फौजी से मिलाया।
उसने धन कुमार जैन की जान का सौदा 30 लाख में किया। अवधेश और विशाल ने फौजी और टमाटर को एक लाख एडवांस दिया। पुलिस ने विशाल, अवधेश, नरेंद्र गोयल और रवि उर्फ टमाटर को गिरफ्तार किया है। टमाटर से एक तमंचा, तीन कारतूस, विशाल से एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है।