घटना में अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 26 लोग घायल हुए हैं। हत्याकांड में अब तक 24 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इसमें 28 लोगों को नामजद किया गया है। इसमें 5 लोगों की हालत ज्यादा गंभीर बनी हुई है। मामले में 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज की गई है। सोनभद्र जिला अस्पताल में नौ शवों का पोस्टमार्टम हुआ है, जबकि एक शख्स की मौत वाराणसी में अस्पताल में इलाज के दौरान हुई थी।
जांच के बाद ही कुछ कहेंगे : एडीजी
घोरावल के उभ्भा गांव में हुए नरसंहार के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के रिपोर्ट तलब करने के बाद से अधिकारी बिंदुवार मामले की जांच करते दिखे। एडीजी बृजभूषण ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जमीन का क्या विवाद था और कितने हेक्टेयर जमीन का मामला है। विवाद के जड़ में क्या है, इन सभी पहलुओं पर जांच कर रिपोर्ट भेजी जा रही है। इस प्रकरण में सेवानिवृत्त आईएएस का नाम आने के मामले में पूछे जाने पर कहा कि अभी वह वह मामले की जांच कर रहे हैं। जांच के बाद ही इस मामले में कुछ कह पाएंगे।
ये है मामला :
मूर्तिया ग्राम पंचायत में आदर्श कोऑपरेटिव सोसाइटी उभ्भा के नाम पर करीब 600 बीघा जमीन है। इस सोसायटी का रजिस्ट्रेशन 1978 में ही समाप्त हो चुका था। इस जमीन के खेल में एक आईएएस अधिकारी का भी नाम आ रहा है। गोंड़ बिरादरी के संतोष, रामसकल, इंद्रदेव, मान सिंह, जालिम, पन्नालाल इत्यादि ने बताया कि उनकी बिरादरी के लोग कई दशक से इस जमीन पर जोताई-बुआई कर रहे हैं। इन लोगों ने बताया कि पटना का कोई धीरज नाम का आदमी इस जमीन का ताल्लुकेदार बनकर प्रति बीघे के हिसाब से रुपये वसूलता था।
पिछले साल ग्राम प्रधान यज्ञदत्त गुर्जर ने करीब 112 बीघा जमीन किसी तरीके से अपने और परिजनों के नाम पर रजिस्ट्री करा ली थी। इसके बाद बुधवार को यज्ञदत्त गुर्जर और उनके पक्ष के 200 लोग जमीन जोतने के लिए पहुंचे। दूसरे पक्ष के लोगों ने इसका विरोध किया। तभी प्रधान के साथ आए लोगों ने दूसरे पक्ष के लोगों पर गोलियां चलानी शुरू कर दी। जिससे सात लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी। प्रधान पक्ष के बाकी लोग लाठी डंडे और फावड़े लेकर टूट पड़े। दूसरे पक्ष ने भी मुकाबला करते हुए पथराव किया। सूचना पाकर थानों की पुलिस और एसपी भी पहुंच गए।
इस जमीन के खेल में एक आईएएस अधिकारी का भी नाम आ रहा है। चर्चा है कि 1955 में जब मिर्जापुर जिला था और राबर्ट्सगंज तहसील थी, तब यह जमीन आदर्श कोऑपरेटिव सोसायटी के नाम कर दी गई थी। इतना ही नहीं, एक आईएएस के ससुर के नाम पर चलने वाली सोसायटी को जमीन लिखे जाने के बाद 1989 में संबंधित आईएएस, उसकी पत्नी और पुत्री के नाम भी सौ-सौ बीघा जमीन, इसी जमीन में से दे दी गई थी।
दोनों पक्षों में चार महीने पहले हुई थी मारपीट :
सोसायटी की इस भूमि का मुकदमा सिविल कोर्ट में चल रहा है। मुकदमे में एक पक्ष ग्राम प्रधान यज्ञदत्त सिंह और उनके परिवार के लोग हैं, जबकि दूसरे पक्ष से गोंड जाति के रामजग, कैलाश समेत 75 लोग हैं। बताया गया कि इस जमीन पर 145 व 142 की कार्यवाही पुलिस कर चुकी है। लेकिन 146 की कार्यवाही अभी एसडीएम के यहां लंबित है। करीब चार महीने पहले इसी जमीन को लेकर घोरावल कोतवाली में मारपीट का मुकदमा दर्ज किया गया था। इस पर दर्जनों लोगों पर पाबंदी की कार्रवाई की गई थी। यह मामला तहसील दिवस में भी आ चुका है।
सीएम योगी ने कार्रवाई के दिए आदेश :
सीएम योगी आदित्यनाथ ने सोनभद्र में हुई घटना पर संज्ञान लेते हुए मृतकों के परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है। साथ ही घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने के लिए सोनभद्र के डीएम को निर्देश दिया है। उन्होंने डीजीपी को व्यक्तिगत रूप से मामले की निगरानी करने और दोषियों को पकड़ने के लिए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। कमिश्नर मिर्जापुर और एडीजी जोन वाराणसी संयुक्त रूप से इस मामले की जांच करेंगे और 24 घंटे के भीतर खामियों के लिए जिम्मेदारी तय करेंगे। सीएम योगी आदित्यनाथ ने घटना के पीड़ितों को 5-5 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है। साथ ही सोनभद्र जिलाधिकारी से गांव वालों को पट्टे क्यों नहीं दिए गए, इस पर भी रिपोर्ट देने के लिए कहा है।