जांच के बाद ही कुछ कहेंगे : एडीजी
घोरावल के उभ्भा गांव में हुए नरसंहार के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के रिपोर्ट तलब करने के बाद से अधिकारी बिंदुवार मामले की जांच करते दिखे। एडीजी बृजभूषण ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जमीन का क्या विवाद था और कितने हेक्टेयर जमीन का मामला है। विवाद के जड़ में क्या है, इन सभी पहलुओं पर जांच कर रिपोर्ट भेजी जा रही है। इस प्रकरण में सेवानिवृत्त आईएएस का नाम आने के मामले में पूछे जाने पर कहा कि अभी वह वह मामले की जांच कर रहे हैं। जांच के बाद ही इस मामले में कुछ कह पाएंगे।
यूपी डीजीपी ओपी सिंह ने कहा कि इस मामले में 10 लोगों की मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि उभ्भा गांव के प्रधान ने 2 साल पहले यह जमीन खरीदी थी, जिस पर वह सहयोगियों के साथ कब्जा करने के लिए गए थे, जब ग्रामीणों ने इसका विरोध किया तो उन पर फायरिंग कर दी। ग्राम प्रधान के भतीजों समेत 24 लोगों को अरेस्ट किया गया है।
सीएम योगी ने कार्रवाई के दिए आदेश
सीएम योगी आदित्यनाथ ने सोनभद्र में हुई घटना पर संज्ञान लेते हुए मृतकों के परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है। साथ ही घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने के लिए सोनभद्र के डीएम को निर्देश दिया है। उन्होंने डीजीपी को व्यक्तिगत रूप से मामले की निगरानी करने और दोषियों को पकड़ने के लिए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
साथ ही सीएम योगी ने निर्देश दिया है कि कमिश्नर मिर्जापुर और एडीजी जोन वाराणसी संयुक्त रूप से इस मामले की जांच करेंगे और 24 घंटे के भीतर खामियों के लिए जिम्मेदारी तय करेंगे। सीएम योगी आदित्यनाथ ने घटना के पीड़ितों को 5-5 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है। साथ ही सोनभद्र जिलाधिकारी से गांव वालों को पट्टे क्यों नहीं दिए गए, इस पर भी रिपोर्ट देने के लिए कहा है।
रात भर शवों की रखवाली करती रही पुलिस
जिला अस्पताल में मृत 10 लोगों का पोस्टमार्टम हो गया, लेकिन रात में जिला प्रशासन ने शवों को घरवालों को सुपुर्द नहीं किया। प्रशासन को इस बात का डर था कि रात में शवों के जाने पर बवाल हो जाएगा। डीएम के निर्देश पर रात भर फोर्स के साथ सदर एसडीएम और सीओ शवों की रखवाली करते रहे।