गाजीपुर जिले के डाही ग्रामसभा के प्रधान को इसलिए गोली मार दी गई क्योंकि उन्होंने रंगदारी देने से इनकार कर दिया था। बरेसर थाना क्षेत्र के अलावलपुर चट्टी पर बीते 23 अगस्त को उन्हें हथियारबंद बदमाशों ने गोली मारी थी।
घटना में गंभीर रूप से घायल हुए ग्राम प्रधान का बीएचयू ट्रामा सेंटर में उपचार चल रहा था। जहां शनिवार की रात उनकी मौत हो गई। रविवार को देर रात शव उनके पैतृक गांव पहुंचते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
दूसरे दिन काफी संख्या में ग्रामीणों ने प्रधान के शव को अलावलपुर चट्टी पर रख मुहम्मदाबाद-कासिमाबाद मार्ग को जाम कर दिया। सड़क जाम की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे एसडीएम कासिमाबाद विजय शंकर तिवारी और सीओ कासिमाबाद डा. कृष्णकांत सहित कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। एसडीएम और सीओ के आश्वासन पर काफी देर बाद जाम समाप्त हुआ।
बीते 23 अगस्त को डाही ग्रामसभा के प्रधान जयप्रकाश राम (35) को हथियारबंद बदमाशों ने गोली मार दी थी। परिजनों का कहना है कि वारदात के एक पखवारा पहले ग्राम प्रधान से पांच लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। प्रधान द्वारा देने से इंकार करने पर बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया था।
गोली लगने के बाद से प्रधान को बीएचयू ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान शनिवार की रात प्रधान की मौत हो गई। रविवार को देर रात जब शव घर पहुंचा तो गांव में मातम छा गया। घटना से नाराज ग्रामीणों ने सोमवार की सुबह अलावलपुर चट्टी पर ग्राम प्रधान का शव रख मुहम्मदाबाद-कासिमाबाद मार्ग को जाम कर दिया।
परिवार वालों का आरोप है कि ट्रामा सेंटर के चिकित्सकों द्वारा उपचार में घोर लापरवाही की गई है, जिसके कारण ग्राम प्रधान की मौत हुई है। ग्राम प्रधान की पत्नी ने आपरेशन करने वाले डॉक्टरों की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। इसके साथ मृतक के परिवार को 50 लाख की आर्थिक मदद देने, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, पांच बिगहा भूमि उपलब्ध कराने, रंगदारी मांगने वालों की गिरफ्तारी करने आदि मांग जिला प्रशासन के सामने रखी गई है।
जाम के दौरान मौके पर पहुंचे उपजिलाधिकारी कासिमाबाद विजय शंकर तिवारी और सीओ कासिमाबाद डॉ. कृष्णकांत सरोज तथा अन्य अधिकारी मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों के आश्वासन पर जाम समाप्त हुआ। प्रधान की पत्नी सुनीता देवी ने नौ सूत्री मांग पत्र उपजिलाधिकारी को सौंपा है।
ग्राम प्रधान जयप्रकाश राम नवंबर 2015 में पहली बार ग्राम प्रधान चुने गए थे। जयप्रकाश के दो बेटे आयूष (5) तथा आदित्य (नौ माह) है। प्रधान की मौत के बाद मां दुलारी देवी और पिता दशरथ राम का रोते-रोते बुरा हाल था।