आग लगने पर इससे जहरीला धुआं निकलता है और सांस लेने में दिक्कत, उल्टी सहित अन्य तरह की परेशानियां होने लगती हैं। सामान्य तरीके से जाने पर दमकल कर्मी बेहोश हो जाते, इसलिए उन्हें ब्रीफिंग ऑपरेशन सूट पहना कर अंदर भेजा गया और आग पर काबू पाया गया। मौके पर मौजूद अन्य आठ ड्रमों को सील कर ट्रांसपोर्टर से उन्हें सुरक्षित तरीके से हटाने को कहा गया है।
कॉलोनी के लोग बोले, ऐसा रिस्क क्यों ले रहे ट्रांसपोर्टर :
रामपुरी कॉलोनी के लोग हादसे के बाद सहमे दिखे। सभी का कहना था कि कॉलोनी में दर्जनों ट्रांसपोर्ट एजेंसियां हैं। घनी आबादी वाले क्षेत्र में इस तरह का केमिकल लाकर ट्रांसपोर्टर सभी की जान को खतरे में डाल रहे हैं। आखिरकार इस तरह से रिस्क लेने की क्या जरूरत है। मौके पर पहुंचे इंस्पेक्टर चेतगंज प्रवीण कुमार से सभी ने मांग की कि वो औचक निरीक्षण करें और ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न होने पाए।