पीड़ितों का कहना था कि प्रधान और उसके रिश्तेदारों के जमीन रजिस्ट्री कराने के बाद इसकी जानकारी हुई। इस पर जांच दल ने डीएम अंकित कुमार अग्रवाल को निर्देश दिया कि वह इस संबंध में एआरओ से पूछताछ करने के साथ रिपोर्ट तलब करें।
टीम ने तहसीलदार और लेखपाल को बुलाकर गांव का जमीन संबंधी नक्शा देखा औऱ सोसाइटी के नाम कितनी जमीन है? उसकी नवैयत क्या है? उसकी मौजूदा स्थिति क्या है? किस तरह का विवाद है? आदि की जानकारी ली। इस मौके पर एसडीएम केएस मिश्रा, बीएसए गोरखनाथ पटेल, तहसीलदार सुरेश शुक्ला, प्रभारी निरीक्षक सीपी पांडेय आदि मौजूद रहे।
तेवर देख अधिकारी सहमे :
कलेक्ट्रेट में अपर मुख्य सचिव राजस्व रेणुका कुमार ने समिति से जुड़े दस्तावेजों की गहराई से जांच की। सूत्रों की मानें तो सचिव को कई दस्तावेज नहीं मिले। इस पर उन्होंने कड़ी नाराजगी दर्ज करते हुए कहा कि मुझे सभी दस्तावेज हर चाहिए। जिसके पटल से दस्तावेज गायब हुए होंगे उनके ऊपर कार्रवाई होगी। सचिव के कड़े रूख को देख कई अधिकारी हाफते नजर आए। हालांकि मीडिया कर्मियों को अंदर जाने से रोक दिया गया था।