आजमगढ़ जिले के बांका गांव में मंगलवार की रात एक व्यक्ति के घर बारात आई। द्वारपूजा के समय नाच के दौरान छेडख़ानी को लेकर बराती और घराती के बीच कहासुनी के बाद जमकर मारपीट हुई। इसमें किशोरी, महिला, युवक सहित 13 लोग घायल हो गए। इनका स्थानीय डाक्टर के यहां इलाज चल रहा है।
घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह से मामला शांत कराते हुए विवाह संपन्न कराया। बुधवार को पीड़ित पक्ष तहरीर देने थाने पहुंचे। लोगों का आरोप है कि एसओ ने उन्हें डांटकर थाने से भगा दिया।
बांका गांव निवासी दशरथ निषाद ने अपनी बेटी कंचन की शादी मऊ जिले के रहने वाले जितेंद्र निषाद के बेटे जसवंत निषाद से तय किया था। मंगलवार की शाम निश्चित समय पर जसवंत बारात लेकर कंचन के घर पहुंचा। जलपान के बाद द्वारपूजा का कार्यक्रम शुरू हुआ। इस दौरान डीजे पर बराती नाच रहे थे।
गांव के तमाम लड़के और लड़कियां नाच देख रही थीं। तभी किसी ने किसी लड़की से छेडख़ानी कर दी। इसको लेकर घराती और बरातियों में विवाद होने लगा। झगड़ा होते देख दूल्हा का बड़ा भाई अजय निषाद बीच बचाव करने पहुंचा। तभी मनबढ़ों ने पीटकर उसे घायल कर दिया।
दूल्हे के भाई की पिटाई देख घराती और बराती पक्ष के लोग भिड़ गए। इसमें बांका गांव निवासी सलीता (16), काजल (14), दुर्ग विजय (15), सिर विजय (8), प्रमिला (38), मुनाकी (45), कुमारी (40), मनीता (22), गोलू (15), शिव कुमार (23), करिश्मा (18) सरिता (18) घायल हो गईं। घटना के बाद मौके पर भगदड़ मच गई।
बराती पक्ष के लोग बारात लेकर जाने लगे लेकिन गांव वालों ने उन्हें मनाकर पुन: शादी के लिए राजी किया। उधर घटना की सूचना मिलने पर डायल 100 की पुलिस पहुंच गई। पुलिस के पहुंचने पर मनबढ़ फरार हो गए। जसवंत का विवाद संपन्न हो जाने के बाद बुधवार को पीड़ित पक्ष दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए तहरीर देने रौनापार थाने पहुंचे।
इन लोगों का आरोप है कि थानाध्यक्ष उनका पक्ष सुनने की बजाय डांटकर सभी को थाने से भगा दिया।