हीरा व्यवसायी से 1.70 करोड़ की ज्वेलरी लूट के मामले में एसटीएफ और पुलिस की अलग- अलग दिशा में जांच चल रही है। एक तरफ पुलिस की टीम इस घटना को संदिग्ध मानते हुए जांच कर रही है तो एसटीएफ लूट के तार रायबरेली से लेकर वाराणसी और जौनपुर से जुड़े होने की तलाश कर रही है।
एसटीएफ के इंस्पेक्टर विपिन राय के नेतृत्व में बक्शा थाने पहुंची एसटीएफ वाराणसी की टीम ने पीड़ित से घंटों पूछताछ की। आभूषण कारोबारी नागेश दूबे छोटे भाई गुरुदत्त दुबे भी बक्शा थाने पहुंचे जहां एसटीफ ने पहले दोनों भाइयों से अलग अलग बात की फिर एक साथ दोनों भाइयों से देर तक पूछताछ की गई।
एसटीफ लूट की इस वारदात के तार रायबरेली, वाराणसी या फिर जौनपुर से जुड़े होने की छानबीन कर रही है। जिले की क्राइम ब्रांच और पुलिस की अलग अलग टीम भी भी जांच कर रही है। पुलिस को घटना पर संदेह हो रहा है। जांच में लगी पुलिस टीम का मानना है कि आभूषण कारोबारी के पास जब इतनी भारी रकम के आभूषण थे तो उन्हें घर जाने के लिए हाईवे से होकर जाना चाहिए था।
हाईवे पर पुलिस थाना है और यह रूट उनके लिए सुरक्षित था। जिस शिवगुलामगंज से वह जिस रास्ते से होकर घर की तरफ जा रहे थे वह सूनसान रास्ता है और सड़़क के दोनों तरफ सरपत के झुरमुट हैं। दूसरी बात यह कि जब बाइक सवार बदमाशों ने पीड़ित की कार में पीछे से टक्कर मारी तो सुनसान स्थान पर कार रोकने के बजाय उन्हें कार की रफ्तार तेज करना चाहिए था।
जिस ईंट से कार का शीशा तोडने की बात कही गई है वह ईंट सड़क किनारे स्थित एक दीवाल से उखाड़ी गई है। जब बदमाश ईंट उखाड़ रहे थे तब भी पीड़ित को कार से भागने का मौका रहा होगा। एसपी दिनेशपाल सिंह ने भी थाने में पीड़ित से पूछताछ की।
जौनपुर जिले के बक्शा थाना क्षेत्र के चकजद्दू दुबे गांव के पास बुधवार की रात हीरा व्यवसायी से हुई 1.70 करोड़ के आभूषण लूट के मामले में वाराणसी की एसटीएफ समेत क्राइम ब्रांच और पुलिस की पांच टीमें जांच में लगी हैं। गुरुवार को सुबह करीब 11 बजे एडीजी वाराणसी जोन पीबी रामा शास्त्री और आईजी वाराणसी विजय सिंह मीना घटना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने जिले के पुलिस अफसरों को घटना के शीघ्र खुलासा करने का कड़े निर्देश दिए।
उधर गोली से घायल हीरा व्यवसायी नागेश दुबे को वाराणसी के ट्रामा सेंटर में प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। शाम को करीब पांच बजे थाने पहुंचे पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ लूट का केस दर्ज कर लिया है। एसटीएफ वाराणसी की टीम बक्शा थाने पहुंचकर पीड़ित से पूछताछ की।
बक्शा थाना क्षेत्र के सुल्तानपुर गांव निवासी नागेश दुबे का रायबरेली में ज्वेलरी का शोरूम है। नागेश के पिता मानिकचंद्र दुबे सुल्तानपुर गांव के प्रधान और समाजवादी पार्टी के नेता हैं। नागेश दुबे और उनके छोटे भाई गुरुदत्त दुबे अपने इस व्यवसाय को संभालते हैं। वाराणसी जौनपुर समेत अन्य जिलों में भी वह आभूषण कारोबारियों को ज्वेलरी की सप्लाई करते हैं।
पुलिस को दी गई तहरीर के मुताबिक नागेश दुबे अपनी सीयाज कार से प्लेटिनम और डायमंड जड़ित आभूषण लेकर बुधवार को दोपहर 12:45 बजे रायबरेली से अकेले निकले थे।
वह छह बजे वाराणसी के दुर्गाकुंड स्थित चेतमणि ज्वेलर्स के यहां पहुंचे। यहां आठ लाख का माल देने के बाद करीब नौ बजे जौनपुर आ गए। यहां गहना कोठी के यहां माल देने के बाद वह विश्वनाथ ज्वेलर्स के शोरूम पर पहुंचे तो शोरूम बद हो चुका था। वह कार से सीधे अपने घर बक्शा थाना क्षेत्र के सुल्तानपुर गांव के लिए चल दिए।
शिवगुलामगंज से हाईवे छोड़कर वह बसालतपुर के रास्ते से जाने लगे। रात में करीब साढ़े दस बजे चकजद्दू दुबे गांव के पास पहुंचे थे तभी एक बाइक पर सवार दो बदमाशों ने पीछे से उनका कार में टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही उन्होंने कार रोक दी। बाइक सवार बदमाश बायीं तरफ के गेट का शीशा ईंट मारकर तोड़ दिया। एक गोली हवा में निकल गई और दूसरी उनके बायें हाथ में की हथेली से थोड़ा ऊपर भेदते हुए पार कर गई। पीड़ित के मुताबिक ज्वेलरी के सारे कागजात भी बैग में ही थे जिसे बदमाश लूट ले गए।
हीरा व्यवसायी से हुई लूट की जांच कर रही पुलिस ने घटना स्थल से कारतूस का खोखा बरामद किया है। बक्शा थानाध्यक्ष के मुताबिक 3015 बोर की गोली का एक खोखा कार के अंदर चालक की सीट के पास मिला है जबकि दूसरा खोखा घटना स्थल पर सड़क पर मिला।