बीएचयू के जूनियर डॉक्टर राहुल, पैरामेडिकल स्टाफ रवींद्र कुशवाहा, रामाधार, श्रीधरन जयप्रकाश और 10 से 15 अज्ञात लोगों के खिलाफ शुक्रवार की रात लंका थाने में लूट, आईटी एक्ट सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई राज्य मानवाधिकार आयोग के निर्देश पर डाफी निवासी आशुतोष कुमार त्रिपाठी की तहरीर पर की गई है। आशुतोष का आरोप है कि तत्कालीन नगवां चौकी प्रभारी रामदवर यादव ने मामले में लीपापोती की और पुलिस अब भी उनके बचाव में जुटी है।
आशुतोष के अनुसार 21 फरवरी 2016 को वे बीएचयू परिसर से अपने घर जा रहे थे। परिसर में मधुवन के पास उन्होंने एक घायल को देखा तो उसे रिक्शे पर लेकर बीएचयू ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। यहां मौजूद जूनियर डॉक्टर राहुल सहित अन्य से घायल का तत्काल उपचार करने का अनुरोध किया। मगर, उन्होंने एक न सुनी। लगभग डेढ़ घंटे बाद भी घायल का उपचार नहीं शुरू हुआ तो आशुतोष ने डॉक्टरों से फिर अनुरोध किया।
आरोप है कि इसी बात पर डॉ. राहुल भड़क गए और सुरक्षाकर्मियों को बुलाकर आशुतोष को बाहर करने को कहा। विरोध करने पर डॉ. राहुल, मेडिकल स्टाफ रवींद्र कुशवाहा व श्रीधरन और 10 से 15 अज्ञात लोगों ने आशुतोष को मारपीट कर उनकी जेब में मौजूद 15 हजार रुपये का मोबाइल और 550 रुपये लूट लिए।
साथ ही जान से मारने की धमकी देकर आशुतोष को ट्रॉमा सेंटर से बाहर कर दिया। सौ नंबर पर सूचना दी गई तो तत्कालीन नगवां चौकी प्रभारी रामदवर यादव मौके पर पहुंचे और आरोपियों को मौके से भगा दिया। आशुतोष ने बताया कि मामले में कार्रवाई के लिए तत्कालीन लंका थानाध्यक्ष से लेकर एसएसपी तक गुहार लगाई गई लेकिन सुनवाई नहीं हुई। सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत बीएचयू ट्रॉमा सेंटर से सीसीटीवी फुटेज निकलवाई गई और राज्य मानवाधिकार आयोग से गुहार लगाई गई। इंस्पेक्टर लंका ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।