इस बचाव में गोली लगने से पता चला की कई लोगों की मौत हो गई है। प्रधान यज्ञदत्त, कोमल सिंह, राजकुमार सहित परिवार के अन्य सदस्य घर पर नहीं थे, लेकिन राजनीतिक दबाव में पूरे परिवार को परेशान किया जा रहा है और गलत नामजदगी दिखाकर प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस ने तमाम निर्दोषों को गिरफ्तार कर उनका चालान कर दिया है। जबकि इसी घटना से संबंधित मेरी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई।
कोर्ट ने घोरावल एसओ को पूर्व प्रधान के बेटे रामराज, रामपति, कैलाश, अनिल, विजय, रामशकल, जगवंत, श्रीराम, हरिशंकर, संतोष, कालीचरण, बसंत, संतलाल, रामा सिंह, अमर, छोटेलाल, रामबली, रामप्यारे, दिनेश, जंगी सिंह, रामकिशुन, रामलाल, बहादुर, महेंद्र, दादे, बबुंदर, श्रीप्रसाद, गोविंद, जयश्याम, राम, हरेधर, मीनवा, सुरेश, सुरेंद्र, जितेंद्र, भगावन, केरवा, बालकिशुन, मोहन, जयप्रकाश, रामधीन, चंद्र बहादुर, भगवत, गुड्डू, सोमा शंकर, संतू, अनीता, शांति, नंदलाल, रामजी, छोटेलाल, मुन्नीलाल, इंद्रदेव, छोटेलाल, भोला और 30-35 अज्ञात के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर विधिनुसार विवेचना करने या कराने का आदेश दिया है।