इस घटना में विनोद के पिता और उसकी मां दो भाई तथा कुछ मित्र सहभागी रहे। विनोद हत्या के बाद विवाहिता की लाश एक बक्से में रखकर भाड़े के मैजिक से कहीं प्रवाह करने वाला था लेकिन योजना में सफल नहीं हुआ और शव को वह अपने घर के अंदर बने शौचालय के सेफ्टी टैंक में डाल दिया। साथ ही अंतिमा की बड़ी बहन और पहली पत्नी को धमकी दी कि यह राज किसी को नहीं बताएगी।
15 अगस्त 2019 को रक्षाबंधन के दिन गायत्री और अंतिमा का छोटा भाई सोनू राखी बंधवाने बहन के घर पहुंचा तो छोटी बहन को न पाकर उसके बारे में पूछने लगा। तो जीजा और उनके परिवार वालों ने कहा कि वह भाग गई है। उसने यह जानकारी पिता विनोद कुमार गोड़ को दी।
शक के आधार पर पिता द्वारा दर्ज कराये गए मुकदमे के बाद थानाध्यक्ष बड़ागांव संजय कुमार सिंह एवं उप निरीक्षक हरिकेश सिंह उप निरीक्षक रामराज शुक्ला उप निरीक्षक मुहम्मद अहमद उप निरीक्षक राकेश ओझा की टीम ने आरोपी पति विनोद को रविवार को काजीसराय ओवरब्रिज के पास गिरफ्तार कर कड़ाई से पूछताछ की तो तो उसने हत्या का राज उगल दिया।
पुलिस ने सेफ्टी टैंक को साफ कराकर जेसीबी से खुदाई कराया तो युवती का कंकाल और साड़ी बरामद की। पुलिस ने घर से पति के भाई चंदन को भी गिरफ्तार कर लिया है। हत्यारोपी ने बताया कि अगस्त 2018 में दूसरी पत्नी की गला कसकर हत्या कर दी है।
तेरह माह पूर्व हुई हत्या और उसका साक्ष्य छुपाने की घटना का अनावरण करने वाले बड़ागांव पुलिस टीम को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वाराणसी ने 25000 रुपये की पुरस्कार देने की घोषणा किया है। पुलिस नर कंकाल को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए गिरफ्तार दोनों अभियुक्तों को जेल भेज दिया गया।