मकबूल आलम रोड के मूल निवासी डॉ शिवेश के घर पर भोपाल निवासी रमाशंकर का बेटा छोटू काम करता था। शाम के समय डॉक्टर के बेटे को लेकर छोटू लिफ्ट से उनके फ्लैट में जा रहा था। इसी बीच ना जाने कैसे छोटू लिफ्ट के दरवाजे के बीच फंस गया। उसकी चीख सुन कर लोग भाग कर आए।
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छोटू को दीनदयाल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉ शिवेश ने कहा कि निजी अस्पताल में इसका बेहतर उपचार कराएंगे। इसके बाद दोनों का पता नहीं लगा। पुलिस डॉ शिवेश के फ्लैट पर पहुंची तो वह नहीं थे।