लंका थाना क्षेत्र के सीरगोवर्धनपुर स्थित चंपा लॉज में रह रहे बीएचयू के छात्र साकेत कुमार गर्ग (25) ने फांसी लगाकर जान दे दी। रविवार को दिन में करीब 11:30 बजे तक उसका कमरा नहीं खुला तो आसपास के कमरों में रहने वाले छात्रों को चिंता हुई। खिड़की से देखा तो वह गमछे के सहारे पंखे से लटक रहा था। दरवाजा तोड़कर शव उतारा गया। वह एमए (इतिहास) का छात्र था। बताया जा रहा है कि वह द्वितीय सेमेस्टर परीक्षा की तैयारी को लेकर तनाव में था।
बिहार के समस्तीपुर निवासी दिलीप कुमार का बेटा साकेत बीएचयू के सामाजिक विज्ञान संकाय में एमए (इतिहास) द्वितीय सेमेस्टर का छात्र था। कुछ दिनों बाद ही सेमेस्टर की परीक्षा होने वाली थी। सीर में चंपा लॉज में रहकर वह परीक्षा की तैयारी कर रहा था। शनिवार की रात खाना खाने के बाद वह अपने कमरे में चला गया। रविवार को दिन में पता चला कि उसने खुदकुशी कर ली है। सूचना के बाद एसओ लंका संजीव कुमार मिश्रा मौके पर पहुंचे। पुलिस का कहना है कि घरवालों से संपर्क किया गया है। वह देर रात तक वाराणसी पहुंचेंगे।
लंका पुलिस ने बताया कि मौके से सुसाइड नोट नहीं मिला है। घरवालोें के आने के बाद ही छात्र के आत्महत्या की वजह पता चल पाएगी। वहीं, बीएचयू के चीफ प्रॉक्टर प्रो. सत्येंद्र सिंह ने कहा कि छात्र परिसर से बाहर था। उसके परिवार से बातचीत के बाद ही कारण स्पष्ट होगा। उधर, साकेत के पिता दिलीप ने फोन पर कहा कि बातचीत के दौरान कभी उसने कोई समस्या नहीं बताई। वह किस बात को लेकर परेशान था, समझ में नहीं आ रहा है। उसके मित्रों और शिक्षकोें से बातचीत कर घटना के कारण का पता लगाएंगे।