भदोही जिले के भटगवां (कूड़ीकला) गांव में बुधवार को नहाने गए चार बच्चों की गंगा में डूबने से मौत हो गई। चारों बच्चे एक ही परिवार के थे। इनमें दो बच्चे सगे भाई-बहन और दो चचेरी बहनें शामिल थीं। जबकि डूब रहीं दो अन्य बच्चियों को बचा लिया गया।
सभी बच्चों की उम्र आठ से 15 वर्ष के बीच है। जानकारी मिलने के बाद घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। एक साथ चार बच्चों की डूबने से मौत के बाद गांव में कोहराम मच गया।
बुधवार को सुबह लगभग नौ बजे भटगवां गांव से छह बच्चे नहाने के लिए गंगा घाट पर गए थे। उनमें गांव निवासी रामराज राय की पुत्री खुशबू (15), उनके चचेरे भाई स्व. प्रभुनाथ राय की पुत्री उर्मिला (8) और ननिहाल आए विकास (8), उसकी बहन किस्मत (10) भी शामिल थी।
विकास और किस्मत पड़ोसी जिले इलाहाबाद के हंडिया थानाक्षेत्र के डेवतइया, बरौत निवासी उदयराज शर्मा के पुत्र-पुत्री थे। वे दोनों अपनी मां प्रभा देवी के साथ दो-चार दिन पूर्व भटगवां में ननिहाल आए थे। सभी बच्चे विकास और किस्मत के मामा शिवकुमार के साथ ही नहाने गए थे।
शिवकुमार बच्चों को नहलाने के बाद घाट पर कपड़े पहनने के लिए कहकर खुद नहाने लगा। इसी बीच सभी बच्चे फिर गंगा में कूदकर नहाने लगे। शिवकुमार ने बताया कि वह उन्हें मना कर रहा था, लेकिन मौजमस्ती के मूड में बच्चे गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे।
यह देखकर वह उन्हें बचाने के लिए कूदा, लेकिन केवल दो बच्चियों खुशी (10) पुत्री धर्मेंद्र राय और अर्चना (10) पुत्री शोभनाथ राय को ही बचा सका। बताते हैं कि बच्चों में सबसे होनहार बालिका 15 साल की खुशबू ने बच्चों को डूबते देखकर उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन वह खुद डूब गई।
भांजे-भांजियों समेत चार बच्चों को गहरे पानी में समाते देख शिवकुमार बदहवास हालत में चिल्लाते हुए बस्ती की ओर भागा, लेकिन तकरीबन तीन सौ मीटर की रेती पार कर उसने जब तक बस्ती में सूचना दी, तब तक चारों बच्चे डूब चुके थे।
इससे चारों बच्चों की मौत हो गई। इसी बीच एक बच्ची उर्मिला की लाश किनारे पर उतराई दिखी। ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर उसे बाहर निकाला। उसी के आधार पर अन्य तीन बच्चों विकास, किस्मत और खुशबू के शव भी बाहर निकाले गए।