यूपी के आजमगढ़ में लुटेरों के सरगना को पुलिस ने मुठभेड़ में घायल कर गिरफ्तार कर लिया। पूरे क्षेत्र में इस बदमाश का खौफ था। घायल बदमाश पर 25 हजार रुपये का इनाम था। बीते हफ्ते यूबीआई अतरौलिया की शाखा से 15.50 लाख रुपये चोरी में इसी का हाथ था। पुलिस ने इसके पास से 8.93 लाख रुपये, चार तमंचा, पांच कारतूस, तीन बाइक और एक नई स्कूटी बरामद की है।
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बता दें कि यूबीआई अतरौलिया से 15.50 लाख रुपये चोरी करने वाले तीन बदमाशों को पुलिस ने मंगलवार की देर रात को गिरफ्तार किया था। इनकी निशानदेही पर गैंग के सरगना को पकडने के लिए बुधवार की भोर में तरवां थाने के नवरसिया गांव के पास घेराबंदी की।
इस दौरान बदमाश पुलिस पर फायर कर भागने लगा। जवाबी कार्रवाई में दो गोली लगने से बदमाश घायल हो गया और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार बदमाशों के पास से पुलिस ने चोरी गए रुपयों में से 8.93 लाख रुपये, चार तमंचा, पांच कारतूस, तीन बाइक और एक नई स्कूटी बरामद की है।
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पुलिस के मुताबिक स्कूटी चुराई गई रकम से ही खरीदी गई है। इस घटना में शामिल अन्य दो आरोपी अभी भी फरार हैं। पुलिस इनकी तलाश कर रही है।
आजमगढ़ पुलिस लाइन में बुधवार को प्रेसवार्ता कर एसपी अजय कुमार साहनी ने इसका खुलासा किया। एसपी ने बताया कि यह लोग पूर्वांचल के अन्य जिलों में घूमकर बैंक छिनैती, लूट, चोरी आदि घटनाओं को अंजाम देते हैं।
एसपी के मुताबिक पुलिस की गोली से घायल बदमाश दीपक मिश्रा पुत्र राकेश मिश्रा है। वह शहर कोतवाली अंबेडकर नगर के मुरादपुर गांव का निवासी है। गिरफ्तार बदमाशों में रणविजय यादव अंबेडकर नगर जिले के राजेसुल्तानपुर थाने के दशरथपुर इटहिया, गोपाल सिंह इसी थाने के चोरमरा कमालपुर गांव, राकेश वर्मा शहर कोतवाली अंबेडकर नगर के अलावल गांव का निवासी है।
व्यवसाई ने एक लाख, डीजीपी ने 50 हजार का दिया इनाम
बदमाश से बरामद हुआ सामान
- फोटो : अमर उजाला
एसपी ने बताया कि नौ मार्च को अतरौलिया बाजार के शराब व्यवसाई हवलदार यादव का मुनीम दो बैग में भरकर 19 लाख रुपये यूबीआई अतरौलिया में जमा करने गया था। इस दौरान चोर योजनाबद्ध तरीके से कैशियर के केबिन में घुसकर 15.50 लाख रुपये वाला बैग चुराकर फरार हो गया।
सीसीटीवी फुटेज के जरिए दो बदमाशों की पहचान हो गई। जिसके आधार पर एसओ अतरौलिया उनकी तलाश में जुट गए। मंगलवार की देर रात मुखबिर के जरिए सूचना मिलने पर पुलिस ने चेकिंग के दौरान पेड़ुका बाबा मंदिर के पास से रणविजय, गोपाल और राकेश को गिरफ्तार कर लिया।
इन सभी ने बताया कि दीपक मिश्रा गैंग लीडर है। वह गाजीपुर में लूट की घटना को अंजाम देने की योजना बनाने के लिए गाजीपुर गया हुआ है। इनकी निशानदेही पर पुलिस तरवां थाने के नवरसिया गांव के पास घेराबंदी कर दीपक के आने का इंतजार करने लगी।
करीब छह बजे दीपक बाइक से आते हुए दिखा तो पुलिस ने घेराबंदी कर उसे रोकने का प्रयास किया। दीपक पुलिस पर फायर कर भागने लगा। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की दो गोली पैर में लगने से वह घायल हो गया। दीपक पर 25 हजार रुपये का इनाम था। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
हालत गंभीर देख पुलिस ने वाराणसी रेफर कर दिया।
पांच दिन के भीतर पुलिस ने ना केवल बैंक परिसर से रुपये चुराने वाले गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया। बल्कि चुराए गए 15.50 लाख रुपये में से 8.93 लाख रुपये, नई स्कूटी आदि को बरामद कर लिया।
बरामद हुए रुपयों में 50 हजार रुपये ऐसे हैं जिस पर यूबीआई की पर्ची और आबकारी प्रतिष्ठान अतरौलिया की मुहर लगी हुई है। पुलिस के इस कार्य से प्रसन्न होकर पीड़ित शराब कारोबारी हवलदार यादव ने पुलिस टीम को एक लाख रुपये का नगद पुरस्कार दिया। जबकि डीजीपी की तरफ से टीम को 50 हजार रुपये की पुरस्कार राशि देने की घोषणा की गई है।
एसपी अजय कुमार साहनी ने बताया कि गैंग लीडर दीपक मिश्रा को पकडने के लिए प्रभारी निरीक्षक अतरौलिया शिशिर त्रिवेदी एसओ तरवां कृष्णमोहन सिंह के साथ तरवां क्षेत्र के नवरसिया गांव के पास घेराबंदी कर दी।
बुधवार की सुबह छह बजे दीपक आते हुए दिखा तो एसओ तरवां ने दीपक को रुकने का इशारा किया। इस दौरान दीपक ने फायर कर दिया और गोली एसओ तरवां के बुलेट प्रुफ जैकेट में फंस गई। जिससे वह बाल-बाल बच गए।
नौ मार्च को यूबीआई अतरौलिया से यह सभी 15.50 लाख रुपये लेकर भागे। इस दौरान बैंक के सीसीटीवी फुटेज से कोई खास सफलता तो नहीं मिली, लेकिन बैंक के आसपास के दुकानों में लगे कैमरे में इनकी तस्वीर कैद हो गई थी।
इसमें बाइक चलाने वाला रणविजय यादव गेरुआ रंग का गमछा ओढ़े दिख रहा। जबकि दीपक मिश्रा लाल रंग के टीशर्ट और टोपी लगाए हुए था। इसी के आधार पर पुलिस इनकी पहचान कर गैंग की तलाश में जुटी हुई थी।
दीपक मिश्रा लखनऊ में हुई किसी बड़ी लूट के मामले में करीब चार वर्ष तक जेल में रहा। हाल ही जेल से छुटा था। बाहर आने के बाद से ही वह अपनी नई गैंग खड़ा कर लिया था। गैंग की मजबूती के लिए आपराधिक घटनाओं को अंजाम देकर रुपये जुटा रहा था।
दीपक ने नौ फरवरी को बरदह थाने के राजेपुर गांव के पास से भाजपा नेता के गैस एजेंसी के सेल्समैन से 65 हजार रुपये और तीन मोबाइल, एक मार्च को तरवां थाने के भरथीपुर गांव के पास सेल्समैन से 2.50 लाख रुपये की लूट होना स्वीकार किया।