कुशीनगर के कसया से शुक्रवार को गिरफ्तार किए गए लेखपाल के बेटे रिजवान ने खुफिया एजेंसियों की पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं। वह पिछले एक साल से सीरिया के आईएसआईएस आतंकी यूसुफ के संपर्क में था। दोनों की दोस्ती फेसबुक के जरिए हुई थी। बाद में ई-मेल और ह्वाट्सएप पर बातचीत होने लगी। पिछले कुछ दिनों से वह हैदराबाद, पुणे, बंगलूरू में था।
पता चला है कि आईएसआईएस भारत के कुछ लोगों को अपने साथ जोड़कर देश में जनवरी में ही सात स्थानों पर धमाका करना चाहता था। ऑपरेशन का नाम ‘सात कलश’ रखा गया था। अमेरिकी खुफि या एजेंसी सीआईए ने इसे डिकोड कर भारत को इसकी जानकारी दी थी। इसके बाद पूरी तैयारी के साथ शुक्रवार को देश भर से 14 संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया गया।
कुशीनगर के कसया थाना क्षेत्र के सिसवा मैथिया निवासी लेखपाल निजामुद्दीन का बेटा रिजवान (22) करीब एक साल से यूसुफ के संपर्क में था। यूसुफ उसे जिहाद के लिए भड़काता था। धीरे-धीरे रिजवान उसके बहकावे में आ गया। बाद में वह आईएसआईएस की ओर से लड़ने के लिए तैयार हो गया। करीब दो महीने पूर्व ही रिजवान गोवा गया था। यहां उसे एक आतंकी ने खर्चे के लिए एक लाख रुपये दिए थे।
उसके लिए होटल में कमरा भी बुक कराया गया था। यूसुफ के कहने पर ही रिजवान हैदराबाद में उसके सबसे करीब बताए जाने वाले आतंकी इकलाख से मिला था। इकलाख के जरिए ही उसे ऑपरेशन ‘सात कलश’ की जानकारी मिली थी। यूसुफ भारत में गिरफ्तार किए गए सभी 14 संदिग्धों के संपर्क में था। रिजवान को यूपी एटीएस और एनआईए ने शुक्रवार को गिरफ्तार किया था। उसे पूछताछ के लिए मुंबई ले जाया गया है।