नजीराबाद पुलिस ने अशोक नगर निवासी ठेकेदार के घर से चार साल से बंधक बनाकर रखी गई किशोरी को मुक्त कराया है। झारखंड की रहने वाली इस किशोरी की बड़ी बहन की चाइल्ड हेल्पलाइन पर शिकायत के बाद शुक्रवार को श्रम विभाग, प्रवर्तन अधिकारी और पुलिस ने कार्रवाई की।
पुलिस ने आरोपी ठेकेदार सरबप्रीत सिंह के खिलाफ किशोरी को बंधक बनाकर घरेलू मजदूरी कराने, मानसिक शोषण करने और मारपीट करने सहित अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। गुमटी गुरुद्वारे के पीछे अशोक नगर में ठेकेदार सरबप्रीत सिंह का बंगला है।
चाइल्ड लाइन के अधिकारी ने बताया कि भुवाल गांव गुमला जिला झारखंड निवासी घुड़ो कुमारी ने हेल्पलाइन पर शिकायत कराई थी कि उनकी तेरह वर्षीय बहन को सरबप्रीत अपने बंगले पर बंधक बनाकर घरेलू काम करवा रहा है। उससे फोन पर बात भी नहीं करने देता।
इस शिकायत पर ही ठेकेदार के घर दबिश देकर बच्ची को मुक्त कराया गया। घर से बाहर आते ही किशोरी टीम के साथ पहुंची बड़ी बहन से लिपटकर रोने लगी। पूछताछ में पता चला कि कोई ठेकेदार किशोरी को चार साल पहले सरबप्रीत के घर बेच गया था। तभी से किशोरी उन्हीं के घर में 1200 रुपये प्रतिमाह पर काम कर रही थी।
बड़ी बहन ने आरोप लगाया कि किशोरी ने कई बार घर जाने की इच्छा जताई लेकिन उसे जाने नहीं दिया गया। पुलिस ने किशोरी को चाइल्ड लाइन के सुपुर्द कर दिया। यहां से उसे स्वरूप नगर स्थित बालिका गृह भेज दिया गया है। शनिवार को किशोरी के मजिस्ट्रेटी बयान तो हो गए लेकिन अभी मेडिकल नहीं हो सका है। नजीराबाद एसओ बृजेश यादव ने बताया कि आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।