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अर्णब का कहर: 10 घंटे की देरी से पहुंची स्पेशल ट्रेन, लेट गईं धान की खड़ी फसलें; किसान बोले- काफी नुकसान हुआ

Fri, 30 Oct 2026 11:06 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

चक्रवात के अलर्ट को देखते हुए गंगा में छोटी नावों के संचालन पर रोक लगा दी गई है। प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर नाविकों को निर्देश जारी किए हैं। मौसम की स्थिति सामान्य होने तक छोटी नावों का संचालन बंद रहेगा। अधिकारियों को गंगा में निगरानी रखने और नियमों का पालन कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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अर्णब का कहर जारी। - फोटो : अमर उजाला डिजिटल
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विस्तार
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अर्णब चक्रवात को लेकर जारी मौसम के अलर्ट के बीच गंगा घाटों पर नावों के संचालन में सतर्कता बरती जा रही है। यात्रियों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देख छोटी नावों के संचालन को बंद किया गया है। बड़ी नावों का संचालन भी मौसम की स्थिति को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। नाविक समाज के अध्यक्ष विनोद कुमार निषाद ने बताया कि चक्रवात का प्रभाव ओडिशा, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल में रहेगा। हालांकि, वाराणसी में इसका प्रभाव अपेक्षाकृत कम है, लेकिन मौसम में संभावित बदलाव को देख नाविकों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। 

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उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा नाविकों की पहली प्राथमिकता है। हवा की गति बढ़ने या गंगा में पानी का बहाव तेज होने पर नावों का संचालन रोकने और उन्हें घाट किनारे सुरक्षित बांधने को कहा गया है। नाविकों को मौसम पर लगातार नजर रखने और प्रतिकूल परिस्थितियों में नौका विहार नहीं कराने की हिदायत दी गई है। गंगा घाटों पर आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए भी सावधानी बरतने की अपील की गई है।

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अर्णब ने रोकी ट्रेनों की रफ्तार, 10 घंटे की देरी से पहुंची स्पेशल ट्रेन
चक्रवाती तूफान अर्नब का असर ट्रेनों पर भी देखने को मिला है। तेज हवा और बारिश की वजह से दिल्ली, मुंबई सहित अन्य जगहों से आने वाली ट्रेनें देरी से पहुंची। यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मुंबई से स्पेशल ट्रेन 10 घंटे की देरी से बनारस पहुंची। नई दिल्ली से 6 घंटे 30 मिनट की देरी से स्पेशल ट्रेन वाराणसी स्टेशन पर आई। लोकमान्य तिलक से बनारस आने वाली 01051 एलटीटी बनारस स्पेशल 28 अक्तूबर को दोपहर 12.15 बजे लोकमान्य तिलक स्टेशन से चली।

इसके बनारस स्टेशन पर आने का समय शाम 4.05 बजे है, यह ट्रेन 10 घंटे की देरी से पहुंची। ट्रेन नंबर 11047 दादर-गोरखपुर स्पेशल ट्रेन 2 घंटे 30 मिनट की देरी से 29 अक्तूबर की रात 12.15 बजे पहुंची। 04096 त्योहार स्पेशल ट्रेन दोपहर में 1 बजे की जगह 6 घंटा 30 मिनट की देरी से शाम 7.30 बजे वाराणसी स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 3 पर पहुंची।  ट्रेन नंबर 20506 डिब्रूगढ़ राजधानी एक्सप्रेस रात 10.50 की जगह 50 मिनट की देरी से वाराणसी पहुंची। ट्रेन नंबर 15128 काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस भी सुबह 4.40 की जगह 1 घंटे 35 मिनट की देरी से 6.15 बजे पहुंची। 

शहर से गांव तक 4 से 6 घंटे गुल रही बिजली
बारिश और हवा से शहर में 4 से 6 घंटे तक और गांव में 6 से 8 घंटे तक बिजली कटी। वहीं, शहर के कई हिस्सों में दिन भर लाइट आती जाती रही। वहीं कैंट स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया में तार टूट कर गिरने से दो मवेशी मर गए। बृहस्पतिवार सुबह से ही मौसम खराब रहा। दिन भर बारिश हुई और तेज हवाएं चलीं। इस कारण  बिजली आपूर्ति व्यवस्था फिर चरमरा गई। कहीं केबल जले तो कहीं तार टूट कर गिर गए। 



बीएलडब्ल्यू के पीछे कंचनपुर क्षेत्र में दिनभर बिजली आई गई। मंडुवाडीह में डीपीएच पर पैनल में फॉल्ट हो गया। महेशपुर, शिवदासपुर, चांदपुर, मंडुवाडीह समेत कई इलाकों में दो घंटे तक आपूर्ति प्रभावित रही।  बिजली कर्मियों ने लोकल फॉल्ट बताया। बिजली निगम के मुख्य अभियंता अनिल वर्मा ने बताया कि दो दिन पहले से ही अधिकारियों को अलर्ट कर दिया गया था। जहां भी दिक्कतें हुईं वहां तत्काल टीम लगा कर उसे ठीक कराया गया। 

बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में कीचड़
बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में किचकिच की समस्या है। कीचड़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मंडुवाडीह से चांदपुर जाने वाले मार्ग पर कई जगहों पर पानी के साथ कीचड़ भी लगा रहा। सिगरा चौराहे से सिद्धगिरीबाग जाने वाले मार्ग पर कीचड़ से लोगों को आवाजाही में दिक्कत हुई। कीचड़ के कारण यातायात धीमा हो गया। दोपहिया वाहन चालकों को विशेष रूप से फिसलन से दिक्कतें हुईं। नगर निगम के आसपास के इलाकों में भी कीचड़ की समस्या बनी हुई है। 

लेट गईं धान की खड़ी फसलें
रोहनिया, राजातालाब, चोलापुर, बाबतपुर, बड़ागांव, चिरईगांव, मिर्जामुराद, सेवापुरी सहित कई इलाकों के खेतों में पक चुकी धान की फसलें बारिश से गीली हो गईं। वहीं तेज हवा से लोट भी गईं। इससे काशी के किसानों की चिंता काफी बढ़ गई है। रोहनिया में दरेखू के किसानों ने कहा कि इनकी पकी फसल बर्बाद हो जाएगी। सिंधौरा के किसानों ने कहा कि अभी 50 फीसदी ही कटाई हो पाई है और मड़ाई का काम बहुत कम हुआ है। 

अक्तूबर में अधिकतम औसत 33 डिग्री से गिरकर 24.5 डिग्री आया तापमान, बुधवार को था 32.8 डिग्री
अर्णब तूफान के असर से काशी में भोर के साढ़े चार बजे से पूरी रात बारिश नहीं रुकी। बेमौसम बारिश ने अक्तूबर में ही जाड़े का अहसास करा दिया। एक ही दिन में पारा साढ़े आठ डिग्री लुढ़क गया। अधिकतम तापमान सामान्य से 7.2 डिग्री नीचे आकर सिर्फ 24.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बुधवार को पारा 32.8 डिग्री  था। तापमान के इस गिरावट के चलते बृहस्पतिवार को वाराणसी प्रदेश का सबसे ठंडा जिला बन गया।  दिन और रात के बीच तापमान में सिर्फ तीन डिग्री का ही फर्क रहा। 

पूरे दिन काशी में धीमे-धीमे सिर्फ दो मिमी ही बारिश हुई, लेकिन पहली बार अक्तूबर की दोपहर में कंपकंपी छूट गई। पूरे दिन बादल भी छाये रहे। हवा 25 से 30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से बही। इस बारिश ने लोगों की ठंड बढ़ाने के साथ ही सड़कों पर कीचड़ भी खूब कराई। घाटों पर फिसलन से कई लोगों को आने-जाने में दिक्कत हुई। अक्तूबर का न्यूनतम तापमान 20.7 डिग्री और अधिकतम औसत तापमान 33 डिग्री सेल्सियस रहा है। औसत बारिश यानी कि अक्तूबर में 30.3 मिमी तक बारिश हो जाती है। 

काशी के आसपास बारिश का ऑरेंज अलर्ट : वरिष्ठ मौसम विज्ञानी डॉ. अतुल कुमार सिंह ने बताया कि अर्णब का असर शुक्रवार से कम हो जाएगा। अब मौसम वापस अपने पूर्व अवस्था में लौट आएगा। हालांकि इस बीच सिहरन बढ़ने से ठंड लगने लगी है। काशी के अलावा आसपास के जिलों में शुक्रवार को भी आंधी, बिजली चमकने और बादल गरजने के साथ बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जिसका थोड़ा बहुत असर काशी में भी दिख सकता है।

इंजेक्टेबल जीपीएस से होगी शहर के छुट्टा पशुओं की ट्रैकिंग
आने वाले दिनों में छुट्टा पशुओं की इंजेक्टेबल जीपीएस ट्रैकिंग की जाएगी। पशु बंदी अभियान, बंध्याकरण के दौरान गाय, भैंस और कुत्ते में जीपीएस ट्रैकिंग का एक इंजेक्शन लगाया जाएगा। 

वर्तमान में पशुओं के कान में टैगिंग की जाती है। इसके बाद उन्हें छोड़ दिया जाता है। कई बार पशु मालिक पशुओं की टैगिंग नोचकर फेंक देते हैं। इससे पता नहीं चल पाता है यह पशु पहले पकड़ा गया था या नहीं। इंजेक्टेबल जीपीएस ट्रैकिंग से दूसरी बार पकड़े जाने पर पुराना इतिहास खुल जाएगा। एक सॉफ्टवेयर के माध्यम से नगर निगम में बैठे अधिकारी उस पशु की पूरी जानकारी पता कर लेंगे। 
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छुट्टा पशुओं की जीपीएस ट्रैकिंग के लिए एक विशेष प्रकार का इंजेक्शन है। जिसे लगाया जाएगा। एक सॉफ्टवेयर से पूरी मॉनिटरिंग की जाएगी। इसे दिसंबर तक लांच किया जाएगा। - डॉ. विजय अमृत राज, पशु चिकित्सा अधिकारी नगर निगम
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