वाराणसी। रामनगर थाने के दो सिपाहियों की शराब तस्करी में संलिप्तता की कीमत आखिरकार इंस्पेक्टर अनूप कुमार शुक्ला को चुकानी पड़ी। एसएसपी ने सीओ कोतवाली की रिपोर्ट पर शुक्रवार की देर रात इंस्पेक्टर रामनगर अनूप को निलंबित कर दिया। इंस्पेक्टर अनूप पर आरोप है कि उनके लचर पर्यवेक्षण के कारण उनके थाने के दो सिपाहियों ने शराब तस्करों का साथ देकर पुलिस विभाग की छवि को धूमिल किया। फिलहाल रामनगर थाने में नए थाना प्रभारी की तैनाती नहीं हुई है।
चंदौली जिले के मुगलसराय थाने की पुलिस ने बीती नौ सितंबर की रात शराब तस्करी के आरोप में हरियाणा निवासी दो युवकों और रामनगर थाने के सिपाही वैभव कुमार यादव व सोनू यादव को गिरफ्तार किया था। सिपाही वैभव और सोनू से मिली जानकारी के आधार पर शराब तस्करी के उनके सरगना पुलिस लाइन वाराणसी में तैनात सिपाही अजीत यादव को गिरफ्तार किया गया था। प्रकरण की जांच एसएसपी ने सीओ कोतवाली को सौंपी थी। इस संबंध में एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि सीओ कोतवाली की जांच रिपोर्ट के आधार पर इंस्पेक्टर अनूप कुमार शुक्ला प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए हैं। इस वजह से उन्हें निलंबित कर दिया गया है। पूरे प्रकरण की विभागीय जांच एएसपी मो. मुश्ताक को सौंपी गई है। उनकी जांच रिपोर्ट के आधार पर इंस्पेक्टर अनूप के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।