हरिश्चंद्र घाट पर 11 केवी लाइन की शिफ्टिंग अब तक नहीं हुई। दोनों घाटों पर पुराने स्वरूप को ध्वस्त कर उनका स्वरूप बदल दिया गया है। यहां पैदल चलना मुश्किल हो रहा है। कार्यदायी एजेंसी के अधिकारियों ने बताया कि दोनों काम सीएसआर फंड से हो रहे हैं। हरिश्चंद्र का काम जेएसडब्ल्यू करा रही है जबकि मणिकर्णिका का काम रूपा फाउंडेशन की ओर से कराया जा रहा है।
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अधिकारियों ने बातचीत कर फंड जारी करवाने की बात कही है। मणिकर्णिका पर जेसीबी लगाकर समतलीकरण का काम कराया जा रहा है। हरिश्चंद्र पर भी एक सप्ताह के भीतर काम शुरू होगा। आम जनता को परेशानी न हो इसके लिए बैरिकेडिंग कराई गई है।