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प्रदूषण से हांप रहे बनारस की पटाखों से बिगड़ न जाए आबोहवा 

Tue, 06 Nov 2018 06:41 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
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प्रदूषण से पहले से ही हांफ रहे बनारस की आबोहवा दिवाली पर और बिगड़ सकती है। दिवाली पर पटाखों का शोर और धुएं से सांस और दमा के मरीजों की परेशानी बढ़ सकती है। प्रदूषण की भयावहता देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने रात आठ से दस बजे तक ही पटाखे फोड़ने की अनुमति दी है। बीते साल दिवाली के दिन एक्यूआई तीन सौ से अधिक था।
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इसमें पीएम 10 338 और पीएम 2.5 253 था। शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स लगातार खतरनाक स्तर पर है। विश्व के तीसरे प्रदूषित शहरों में तीसरे पायदान पर रही काशी शहर में हो रहे विकास कार्य, वाहनों की बढ़ती संख्या, धूल व धुएं के कारण जहरीली गैस के चैंबर में पहले ही तब्दील है। इस बीच मौसम में हो रहे बदलाव और दिवाली पर छोड़ जाने वाले पटाखों के धुएं से हालात और खराब होने का अंदेशा है।

चेस्ट फीजिशियन डॉ. आरके शर्मा का कहना है कि मौसम में बदलाव के कारण रात में शीत गिर रही है और इस दिवाली पर छोड़े जाने वाले पटाखों के धुएं वातावरण में ऊपर तक नहीं जा पाते और यही स्मॉग का कारण बनते हैं। ऐसे में सांस, अस्थमा, हृदय रोगियों की दिक्कतें बढ़ सकती हैं।
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पर्यावरणविद प्रो. कविता शाह का कहना है कि हवा में धूल के कणों में कॉपर, जिंक, सोडियम, लेड, कैडमियम, सल्फर ऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड ज्यादा पाए जा रहे हैं जो कि हमारे स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित होते हैं। दिवाली पर इन खतरनाक कणों में इजाफा हो जाता है।

उधर, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी के आनंद का कहना है कि दिवाली के दिन अलग-अलग क्षेत्रों में मशीनें लगाकर एक्यूआई और डेसीबल के आंकड़े एकत्र करेगी। इन आंकड़ों के आधार पर प्रदूषण के निपटने के इंतजाम किए जाएंगे।

अवैध भंडारण और बिक्री करने वालों पर कार्रवाई नहीं

24 अक्तूबर को लहरतारा स्थित मकान में पटाखों के अवैध भंडारण और निर्माण के कारण एक बच्ची सहित तीन लोगों की जान चली गई थी। इसके बाद पुलिस ने दो-तीन दिन छापेमारी की और फिर कार्रवाई ठप पड़ गई।

दालमंडी, हड़हा, नई सड़क, बेनियाबाग, लल्लापुरा, पितरकुंडा, हबीबपुरा, दोषीपुरा, नदेसर और लोहता सहित कई अन्य स्थानों पर पटाखों का अवैध तरीके से भंडारण और बिक्री की जानकारी के बावजूद पुलिस ने चुप्पी साध ली।

उधर, छठ पूजा तक गंगा घाट, शहर स्थित मॉल व बड़े व्यावसायिक कांप्लेक्स, रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों सहित भीड़भाड़ वाले सभी स्थानों पर रोजाना डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक दस्ते के साथ पुलिस तलाशी अभियान चलाएगी।

एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद करने के निर्देश क्षेत्राधिकारियों को दिए गए हैं। हल्का प्रभारी और थानाध्यक्ष अपने क्षेत्र में चक्रमण करते रहेंगे। सोशल मीडिया की निगरानी के लिए क्राइम ब्रांच की सर्विलांस सेल को ताकीद की गई है।

दमकल और मोटर साइकिल दस्ता तैनात

अग्निशमन विभाग ने पटाखा बिकने वाले जिले के 11 थाना क्षेत्रों के 18 स्थानों पर पांच हजार लीटर और 500 लीटर के दमकल वाहन और मोटर साइकिल दस्ता सोमवार से तैनात कर दिया गया है। अग्निशमन विभाग ने अपील की है कि दमकल की गाड़ियां सड़क से गुजरें तो उन्हें प्राथमिकता देते हुए रास्ता खाली कर दें।

चीफ फायर अफसर राकेश राय ने बताया कि जिन स्थानों पर 50 से ज्यादा दुकानें लगी हैं। वहां पांच हजार लीटर पानी की क्षमता वाले एक-एक फायर मोटर इंजन तैनात किए गए हैं। जहां 25 से 50 दुकानें लगी हैं वहां चार सौ लीटर क्षमता वाले छोटे फायर मोटर इंजन तैनात किए गए हैं।

वही, जहां 25 से कम दुकानें हैं वहां मोटर साइकिल फायर दस्ता तैनात किया गया है। ये वाहन दीपावली तक रोजाना दोपहर दो बजे से रात 12 बजे तक पटाखा बिक्री वाले स्थानों पर तैनात रहेंगे। 

अस्पतालों में अलर्ट, बर्न यूनिट में दवाओं का इंतजाम

दिवाली के मद्देनजर बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल, मंडलीय, जिला अस्पतालों के साथ ही निजी अस्पतालों को अलर्ट कर दिया गया है। साथ ही इमरजेंसी, बर्न यूनिट में बेड रिजर्व करा दिए गए हैं वहीं संभावित मरीजों के लिए दवाओं का भी इंतजाम कर लिया गया है। जिला-मंडलीय अस्पताल की इमजरेंसी में 8-8, जिले के सभी आठ ब्लॉकों में स्थित प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर 4-4 बेड रिजर्व किेए गए हैं।

सीएमओ डॉ. वीबी सिंह ने बताया कि  सरकारी अस्पतालों में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, प्रमुख अधीक्षक और स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी के साथ ही निजी अस्पताल के संचालकों को दिवाली के मद्देनजर दिशानिर्देश दिए गए हैं। दिवाली के मौके पर 108 नंबर की एंबुलेंस प्रमुख चौराहों पर रहेगी। कहा, घटनाओं की जानकारी और सेवाओं का लाभ न मिलने की शिकायत उनके मोबाइल नंबर 9415301513 पर की जा सकती है।
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बरतें ये सावधानियां

- पटाखा जलाने के दौरान ढीले-ढाले कपड़े न पहनें
- पटाखा खुले स्थान में ही जलाएं और पास में दो बाल्टी पानी रखें
- छोटे बच्चों को पटाखे से दूर रखें और 125 डेसिबल से ज्यादा आवाज करने वाले पटाखे न जलाएं
- अस्पताल, क्रेच, शिक्षण संस्थाओं और वृद्ध आश्रम से सौ मीटर दूर पटाखे जलाएं
 
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