प्रकरण में बीते वर्ष भी इन आरोपियों के खिलाफ सम्मन जारी हुआ था, लेकिन खिलाफ सत्र अदालत में निगरानी याचिका दाखिल हो गई थी। जिस पर कोर्ट ने आरोपियों को राहत देते हुए लोवर कोर्ट को बीएचयू द्वारा की गई जांचों को संज्ञान में लेकर फिर से सुनवाई करने का आदेश दिया था। जिस पर वादी एवं परिवादी पक्ष की दलीलें सुनने के बाद विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने आरोपियों की तरफ से प्रस्तुत की गई प्रो. डीपी वर्मा व जस्टिस कलीमुल्लाह की जांच रिपोर्टों को सिरे से खारिज कर दिया। गुरुवार को इस मामले में रजिस्ट्रार नीरज त्रिपाठी पर कुछ धाराएं बढ़ाते हुए तीनों आरोपियों को फिर से सम्मन जारी किया। परिवादी की तरफ से अधिवक्तागण संतोष कुमार मौर्य, भूपेंद्र प्रताप सिंह व सत्यम सिंह ने पक्ष रखा।