विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट आदिल आफताब अहमद ने सामूहिक दुष्कर्म मामले में नामजद दो आरोपियों को दोषी पाते हुए 21 वर्ष की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोनों पर बीस-बीस हजार रुपये अर्थदंड भी निर्धारित किया। अर्थदंड न देने पर चार माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अर्थदंड की 80 प्रतिशत धनराशि पीड़िता को देने का आदेश दिया।
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जानकारी के अनुसार, मऊ जिले के सरायलखंसी थाना क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार वादी मुकदमा की नाबालिग लड़की एक अगस्त 2017 की रात्रि में शौच करने के लिए गई थी। उसी दौरान आरोपीगण ने उसके साथ सामूहिक दुराचार किया। पुलिस ने वादी की तहरीर के आधार पर भुजौटी निवासी रामजीत पुत्र हरेंद्र और रमेश पुत्र स्वामीनाथ के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के बाद विवेचना आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया।
कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए विशेष लोक अभियोजक विमल कुमार श्रीवास्तव ने सात गवाहों को पेशकर अपना पक्ष रखा। बचाव पक्ष से कहा गया कि उन्हें झूठा फंसाया गया है। एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा केस डायरी का अवलोकन करने के बाद आरोपीगण रामजीत और रमेश को गैंगरेप का दोषी पाया।
दोषी पाए जाने के बाद दोनों को 21-21 वर्ष की सजा के साथ ही 20-20 हजार रुपये अर्थदंड निर्धारित किया। अर्थदंड न देने पर चार माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं अर्थदंड जमा हो जाने पर 80 प्रतिशत धनराशि पीड़िता को देने का आदेश दिया।