जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत ने एएसआई को सर्वे रिपोर्ट 28 नवंबर को दाखिल करने का आदेश जारी कर दिया है। अदालत में भारत सरकार के स्पेशल गवार्निंग काउंसिल ने बीती 17 नवंबर को जिला जज की अदालत में जीपीआर राडार सर्वे की रिपोर्ट हैदराबाद से नहीं आने के कारण 15 दिन की रिपोर्ट दाखिल करने के लिए मोहलत मांगी थी।
जिस पर अदालत ने एएसआई के आवेदन को मंजूर करते हुए 10 दिन के समय दिए जाने का मौखिक आदेश दिया था। अब जिला जज का आदेश आने के बाद एएसआई को 28 नवंबर को रिपोर्ट दाखिल करनी होगी।
एक दिन पहले अदालत ने फैसला रख लिया था सुरक्षित
ज्ञानवापी परिसर की सर्वे रिपोर्ट दाखिल करने के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की ओर से मांगे गए अतिरिक्त समय के मामले में जिला जज की अदालत ने शनिवार को आदेश के लिए पत्रावली सुरक्षित रख लिया था। इससे पहले शुक्रवार को एएसआई की ओर से प्रार्थना पत्र देकर सर्वे रिपोर्ट पेश करने के लिए 15 दिन का अतिरिक्त समय मांगा गया था।
जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत में एएसआई की ओर से केंद्र सरकार के स्टैंडिंग काउंसिल अमित श्रीवास्तव पेश हुए थे। उन्होंने प्रार्थना पत्र देकर कहा था कि एएसआई ज्ञानवापी के सर्वे से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रहा है। ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार (जीपीआर) तकनीक से हुए अध्ययन की रिपोर्ट को तैयार किया जाना शेष है। इसलिए 15 दिन का अतिरिक्त समय रिपोर्ट पेश करने के लिए दिया जाए।
पहले भी मिला था 15 दिन का समय
जिला जज की अदालत के आदेश से 24 जुलाई को ज्ञानवापी परिसर (सील वजूखाने को छोड़कर) में एएसआई ने सर्वे शुरू किया था। दो नवंबर को एएसआई ने अदालत को बताया था कि सर्वे का काम पूरा हो चुका है। रिपोर्ट तैयार करने के लिए 15 दिन का समय चाहिए।
इस पर अदालत ने एएसआई का अनुरोध स्वीकार करते हुए आदेश दिया था कि 17 नवंबर तक सर्वे रिपोर्ट हर हाल में दाखिल कर दी जाए। हालांकि 17 नवंबर को सर्वे रिपोर्ट पेश नहीं की जा सकी और एएसआई की ओर से एक बार फिर अतिरिक्त समय की मांग अदालत से की गई।