यूपी के जौनपुर में 06 नवंबर को हुए उपद्रव मामले में कोर्ट ने आरोपी पूर्व सांसद धनंजय सिंह, पूर्व मंत्री व विधायक शैलेंद्र यादव ललई और एमएलसी बृजेश सिंह प्रिंसू के खिलाफ मंगलवार को कुर्की का नोटिस जारी किया है। इससे पहले तीनों की गिरफ्तारी का वारंट जारी हो चुका है।
छह नवंबर को खुटहन ब्लाक प्रमुख सरयू देवी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के लिए मतदान हो रहा था। इस दौरान पथराव, फायरिंग आगजनी हुई थी। मामले में थानाध्यक्ष ने 11 नामजद और 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। तहरीर में आरोप लगाया गया है कि बीडीसी सदस्य ब्लॉक तक न पहुंच सकें, इसके लिए पूर्व सांसद धनंजय सिंह, विधायक शैलेंद्र यादव ललई और एमएलसी बृजेश सिंह प्रिंसू ने पूरी तैयारी कर रखी थी।
उनके समर्थकों ने रास्ता अवरुद्ध किया था। जैसे ही बीडीसी सदस्यों को लेकर वाहन पहुंचा, उस पर पथराव के बाद हवाई फायरिंग और तोड़फोड़ हुई। प्रतापगढ़ के सांसद हरिवंश सिंह के काफिले की एक स्कार्पियो जला दी गईं।
मामले के आठ आरोपियों की जमानत पहले ही निरस्त हो चुकी है। तीन नामजद आरोपी पूर्व सांसद धनंजय सिंह, पूर्व मंत्री व विधायक शैलेंद्र यादव ललई और एमएलसी बृजेश सिंह प्रिंसू की गिरफ्तारी के लिए पुलिस उनके आवास पर तीन बार छापा मार चुकी है लेकिन इनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी। विवेचक के प्रार्थना पत्र पर मंगलवार को अदालत ने तीनों आरोपियों के खिलाफ कुर्की का नोटिस जारी कर दिया।