पुलिस की पूछताछ में होम स्टे संचालक ने बताया कि एक एप के माध्यम से हरीश ने कमरा नंबर-202 बुक किया था। पांच जुलाई की रात वह अपने कमरे में आया था। हरीश के रिश्तेदार पांडेयपुर निवासी राजू कुमार रविवार की सुबह होम स्टे में आए और उसके कमरे का दरवाजा खटखटाया। दरवाजा न खुलने पर उन्होंने संचालक को सूचना दी। संचालक ने रोशनदान से झांक कर देखा तो हरीश पंखे के हुक से रस्सी के फंदे के सहारे लटका हुआ था।
सूचना पाकर सारनाथ थाने की पुलिस मौके पर आई और दरवाजा तोड़ कर शव को नीचे उतरवाया। पुलिस को ससुर मनोचिकित्सक डॉ. राम शरण श्रीवास्तव ने बताया कि हरीश बेरोजगारी के कारण अवसाद ग्रस्त रहता था और नशे का आदी भी हो गया था। उधर, हरीश की आत्महत्या की सूचना पाकर उसकी पत्नी संचिता ने अपने मकान की छत से कूद कर जान दे दी।
परिजनों ने बताया कि हरीश और संचिता इंटरमीडिएट की पढ़ाई के लिए राजघाट क्षेत्र स्थित एक बोर्डिंग स्कूल में दाखिला लिए थे। वहीं उन दोनों की दोस्ती हुई थी। पढ़ाई पूरी करने के बाद संचिता मॉडलिंग करने लगी थी और हरीश प्राइवेट बैंक में नौकरी करने लगा।