कार हादसे में जान गवांने वाले दंपती का अंतिम संस्कार एक साथ किया गया। इस दौरान मासूम बच्चे माता-पिता को देखकर रोते हुए उन्हें जगा रहे थे, बार-बार कह रहे थे कि मम्मी-पापा कब जागेंगे।
चोलापुर थाना क्षेत्र के अजगरा गांव में उस समय मातम पसर गया, जब दानगंज क्षेत्र में भीषण सड़क हादसे में जान गंवाने वाले दंपती विवेक राजभर (30) और उनकी पत्नी ममता का अंतिम संस्कार एक साथ किया गया। चंद्रावती घाट पर जब पति-पत्नी की चिताएं एक साथ जलीं तो हर शख्स की आंखें नम हो गईं।
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विवेक पत्नी ममता के साथ राजस्थान में एक निजी कंपनी में काम करते थे। पांच मई को गाजीपुर के औड़िहार में मौसी के यहां शादी समारोह में शामिल होने के लिए वह अपने दोस्त हरिराम के साथ कार से घर आ रहे थे।
सोमवार भोर में 3 बजे दादरी क्षेत्र के शाहपुर अंडरपास के पास उनकी कार की ट्रक से टक्कर हो गई। हादसे में विवेक, ममता और उनके मित्र हरिराम की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 6 वर्षीय बेटी परी घायल हो गई। मंगलवार दोपहर दंपती का अंतिम संस्कार एक साथ किया गया।
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विवेक का 9 साल का बेटा अंश एक महीने पहले ही अपने ननिहाल चंदवक जौनपुर आया था, जबकि बेटी परी हादसे में घायल हो गई। जब दोनों बच्चों ने अपने माता-पिता को देखा, तो वे यह समझ ही नहीं पाए कि अब वे कभी वापस नहीं आएंगे। अंश और परी बार-बार अपने माता-पिता को उठाने की कोशिश करते रहे और पूछते रहे मम्मी-पापा कब जागेंगे?