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UP: जाली नोटों की तस्करी करने वाला 25 हजार का इनामी अरेस्ट, बांग्लादेश से जुड़ा है मामला; दो साल से थी तलाश

Sat, 04 Jul 2026 05:50 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: सारनाथ पुलिस और एटीएस ने पश्चिम बंगाल के मालदा से जाली भारतीय नोट व मादक पदार्थों की तस्करी के 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी जाकिर को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने बांग्लादेशी तस्कर से जाली नोट मंगाने और उन्हें बिहार के तस्करों के जरिए खपाने की बात कबूल की।
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पुलिस और एटीएस की गिरफ्त में जाकिर। - फोटो : संवाद
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भारत-बांग्लादेश सीमा के रास्ते जाली भारतीय मुद्रा और मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले अंतरराज्यीय सिंडिकेट के 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी को सारनाथ पुलिस और एटीएस वाराणसी इकाई ने पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया है। आरोपी दो वर्ष से सारनाथ थाने में दर्ज मुकदमे में वांछित चल रहा था। शनिवार को उसे मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की अदालत में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

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सारनाथ थाना प्रभारी पंकज त्रिपाठी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी जाकिर पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के देवनापुर का रहने वाला है। उसकी गिरफ्तारी शुक्रवार रात सारनाथ पुलिस और एटीएस की संयुक्त टीम ने मालदा में दबिश देकर की। आरोपी पर एक वर्ष पहले 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।

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पुलिस के अनुसार, वाराणसी एटीएस इकाई के निरीक्षक भारत भूषण तिवारी को सूचना मिली थी कि पश्चिम बंगाल के तस्करों की मदद से बांग्लादेश से जाली भारतीय नोट और मादक पदार्थों की तस्करी कर उन्हें विभिन्न राज्यों में खपाया जा रहा है। इसी मामले में पूर्व में मोहम्मद सुलेमान अंसारी और इदरीश को गिरफ्तार किया जा चुका है। उनके कब्जे से एक लाख 97 हजार रुपये के जाली भारतीय नोट, मोबाइल फोन और फर्जी दस्तावेज बरामद हुए थे।

पूछताछ में जाकिर ने बताया कि वह बांग्लादेश के तस्कर रफीकुल उर्फ रकीकुल के संपर्क में था। रफीकुल अवैध रूप से भारत-बांग्लादेश सीमा पार कर भारत आता-जाता था। उसके कहने पर जाकिर ने दो लाख रुपये के जाली भारतीय नोट मंगाए थे। 

इसके बदले उसने सीमा पर जाकर एक लाख रुपये की असली भारतीय मुद्रा रफीकुल को दी थी। जाकिर ने यह भी स्वीकार किया कि इन्हीं जाली नोटों का एक हिस्सा उसने बिहार के उन तस्करों को दिया था, जिन्हें बाद में वाराणसी में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों और नेटवर्क की कड़ियों की तलाश में जुटी है।
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