पूछताछ के बाद मेडिकल परीक्षण कराया गया, फिर रिमांड मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया जहां से अदालत ने आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि पांचों आरोपियों ने शैली ट्रेडर्स के साथ 50 करोड़ रुपये का कारोबार किया। साथ ही कमीशन के तौर पर 10 करोड़ रुपये का लाभ लिया। आरोपी ही कफ सिरप की सप्लाई चेन, रुपयों के लेनदेन, बांग्लादेश और नेपाल बॉर्डर से जुड़ी लॉजिस्टिक्स को संभालते थे।
डीसीपी काशी जोन गौरव बंशवाल ने बताया कि आरोपियों ने कबूल किया कि वे नेपाल भागने की योजना बना चुके थे। नेपाली करेंसी का इंतजाम भी कर लिया था। आरोपियों के पास से विदेशी मुद्रा से जुड़े दस्तावेज, मोबाइल फोन, सिम कार्ड, नकद और लेनदेन से जुड़े कई दस्तावेज मिले हैं।
पुलिस की जांच में सामने आया कि गिरोह ने रांची की शैली ट्रेडर्स के जरिये करीब 50 करोड़ रुपये का कारोबार किया है। फार्मा कंपनियों से कफ सिरप की सप्लाई दिखाकर उसे अवैध तरीके से अलग-अलग राज्यों में साथ ही बांग्लादेश भेजा गया। कागजों में दवा की वैध बिक्री दिखाई जाती थी लेकिन हकीकत में यह सिरप नशे के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था।
पुलिस के मुताबिक, नेपाली और थाईलैंड की करेंसी की बरामदगी इस बात की तस्दीक कर रही है कि आरोपी नेपाल या थाईलैंड भागने के फिराक में थे इसके लिए विदेशी रुपये एक्सचेंज कराए थे। पुलिस रने 1300 रुपये की नेपाली करेंसी, थाईलैंड की मुद्रा 18890 बाट और यूएई के पांच दिरहम की बरामदगी दिखाई है जिनकी कीमत भारतीय रुपये में 55 हजार है।
इसे भी पढ़ें; दर्दनाक हादसा: तिलक समारोह से लौट रहे दो सगे भाइयों समेत तीन की मौत, ट्रक की चपेट में आने से हुआ हादसा
अब तक 18 मुख्य गिरफ्तारियां
पुलिस के अनुसार, मामले में अब तक 18 मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। सभी पर संगठित अपराध, मादक पदार्थ अधिनियम, धोखाधड़ी, जालसाजी, मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध तस्करी से जुड़े गंभीर आरोप हैं। वाराणसी पुलिस ने इन सभी के खिलाफ पहले ही लुक आउट सर्कुलर जारी कर दिया था ताकि वे देश छोड़कर भाग न सकें। डीसीपी ने बताया कि मनी ट्रेल की जांच के लिए आर्थिक अपराध शाखा और साइबर सेल की मदद ली जाएगी। आरोपियों के बैंक खातों को फ्रीज किया गया है।