शुभम जायसवाल, दिवेश जायसवाल, अमित जायसवाल और आकाश पाठक
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इस मामले में एसटीएफ की लखनऊ टीम ने मैदागिन निवासी अमित यादव को हरहुआ रिंग रोड स्थित काशीधाम के पास से गिरफ्तार किया था। वह समाजवादी युवजन सभा का प्रदेश सचिव और हरिश्चंद्र डिग्री कॉलेज का पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष भी रह चुका है।
एसटीएफ के मुताबिक, वह कफ सिरप तस्करी गिरोह के मुख्य सरगना शुभम जायसवाल का करीबी सहयोगी था और बंगाल व बांग्लादेश तक सप्लाई के नेटवर्क से जुड़ा था। अमित ने वाराणसी के सप्तसागर दवा मंडी स्थित अपनी फर्म जीएल सर्जिकल के माध्यम से कफ सिरप की एक लाख से अधिक शीशियां खरीदी थीं और इन्हें अन्य फर्मों के नाम पर फर्जी बिक्री दिखाकर ऊंचे दाम पर बेच दिया गया।
वहीं, अमित सिंह टाटा को लखनऊ के गोमतीनगर क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया था। उसके पास से एक फॉर्च्यूनर वाहन, मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज बरामद हुए थे। पूछताछ में सामने आया कि वह शुभम जायसवाल के साथ मिलकर पश्चिम बंगाल तक कफ सिरप की तस्करी में शामिल था। पुलिस का मानना है कि दोनों आरोपियों से पूछताछ के बाद इस अवैध नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं।