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Shubham Jaiswal: कफ सिरप कांड के सरगना शुभम ने जारी किया वीडियो, लखनऊ के बड़े अधिकारी पर लगाया फंसाने का आरोप

Fri, 05 Dec 2025 12:19 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Cough Syrup Case: कफ सिरप मामले में मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल ने वीडियो जारी कर कहा है कि झूठे मामले में मुझे फंसाया जा रहा है। इस दौरान उसने सपा मुखिया अखिलेश यादव का भी जिक्र किया। 
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कफ सिरप कांड का सरगना शुभम जायसवाल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कफ सिरप के मामले में पूरब से पश्चिम तक जिस शुभम जायसवाल को पुलिस ढूंढ रही है। वह सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर सफाई पेश कर रहा है। शुक्रवार सुबह से वायरल वीडियो में शुभम जायसवाल ने लखनऊ नारकोटिक्स के एक बड़े अधिकारी पर फंसाने का आरोप लगाया। गाजियाबाद के नंदग्राम थाने में वाराणसी के ड्रग अधिकारियों ने फोन कर नाम जुड़वाया। मुख्यमंत्री से अपील की कि मामले की तह तक स्पष्ट और निष्पक्ष जांच कराएं। 

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वीडियो में शुभम ने कहा कि एक महीने से अफवाह, बड़े-बड़े नेताओं की ओर से गलत बयानबाजी की जा रही है। काफी गलत बातें फैलाई गईं। एमपी में बच्चों की मौत हुई है। स्पष्ट करता हूं कि मेरे द्वारा ऐसा कोई काम नहीं किया गया है। नेताओं ने सदन में यह मुद्दा उठाया कि प्रतिबंधित, नशीली और जहरीली दवा बेची गई। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी टिप्पणी की है। एमपी से कफ सिरप को गलत जोड़ा गया। एमपी में कभी माल नहीं बेचा। नेताओं ने कांफ्रेंस के जरिये आरोप लगाया गया। कानूनी दस्तावेज के आधार पर कफ सिरप का क्रय विक्रय किया गया है। 

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फेंसाडिल सिरप की छाया प्रति दिखाते हुए शुभम ने कहा कि फेंसाडिल सिरप सामान्य दवा है, जिसे कफ में इस्तेमाल किया जाता है। इसके बेचने की विधि के बारे में ड्रग विभाग से आरटीआई के तहत जानकारी ली। सभी नियम और कानून के तहत कफ सिरप खरीदा और बेचा। केंद्र सरकार के नियमों के तहत एबॉट कंपनी से बनी फेंसाडिल सिरप की खरीद बिक्री की, जो कि इस कफ सिरप का उपयोग 18 वर्ष के बाद वाले कर सकते हैं। 

नियम के तहत 100 करोड़ का माल बेचा

शुभम ने वीडियो में बताया कि गाजियाबाद और सोनभद्र में मेरा माल नहीं पकड़ा गया। गलत तरीके से नाम जुड़वाया गया। लखनऊ ड्रग विभाग के एक बड़े अधिकारी की ओर से जबरन पैसे की मांग की जा रही थी। गलत काम नहीं करता था, इसलिए पैसा नहीं दिया तो नाम उछाला गया। एनडीपीएस और धोखाधड़ी के मुकदमे सोनभद्र, वाराणसी, गाजीपुर, जौनपुर, चंदौली और गाजियाबाद में दर्ज कराए गए। मेरा और मेरे परिवार का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। शुरू से हम लोग दवा व्यवसाय से जुड़े रहे। 100 करोड़ का माल बेचा है, कंपनी दवा बना रही है तो हम बेच ही सकते हैं। सही तरीके से और नियम कानून के तहत लाइसेंस धारकों को माल बेचा गया। एबॉट कंपनी से माल लेने वाले दिल्ली, एमपी, उत्तराखंड के लाइसेंस नहीं चेक किए जा रहे हैं। मुझे टारगेट किया जा रहा है। झारखंड में शैली ट्रेडर्स के जरिये नियम के तहत लाइसेंस धारकों को बेचा गया। 
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किसी नेता से संबंध नहीं, फोटो-वीडियो की जानकारी नहीं

शुभम ने वीडियो में बताया कि एबॉट कंपनी ने माल बनाना बंद किया, जिसका स्टॉक जुलाई के अंतिम सप्ताह में बेचा गया। रूटीन जीएसटी भरने वाले और दुकानों पर जीपीएस के तहत माल बेचा। लेटर पैड पर बिल किया गया। इनवायस, ई-वेल बिल बनाकर माल बेचा गया। यह सब साक्ष्य में हैं। टोल से चेक कर लिया जाए कि गाड़ी नंबर सही है या गलत। फंसाने के उद्देश्य से जहां-जहां माल बेचा गया, वहां मुकदमा दर्ज कराया गया। अखिलेश यादव से अपील है कि गलत राजनीति नहीं करें। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गुहार लगाई कि न्याय हो। गाजियाबाद में सौरभ त्यागी से मेरा कभी कोई लेनादेना नहीं है। किसी राजनेता से मेरा कारोबारी संबंध नहीं है। फोटो वीडियो वायरल होने की जानकारी नहीं है। 

राजा के परिजन पैसे के लिए धमका रहे थे 
शुभम जायसवाल ने वीडियो के आखिरी में कहा कि अधिवक्ता राजा आनंद ज्योति सिंह हमारे मित्र थे। अच्छे संबंध रहे। उनकी मौत की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शराब के सेवन से हुई। विसरा भी सुरक्षित रखा गया। उस समय से उनके पिता, जीजा और अन्य रिश्तेदार पैसे की मांग कर रहे थे।

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