शुभम ने वीडियो में बताया कि गाजियाबाद और सोनभद्र में मेरा माल नहीं पकड़ा गया। गलत तरीके से नाम जुड़वाया गया। लखनऊ ड्रग विभाग के एक बड़े अधिकारी की ओर से जबरन पैसे की मांग की जा रही थी। गलत काम नहीं करता था, इसलिए पैसा नहीं दिया तो नाम उछाला गया। एनडीपीएस और धोखाधड़ी के मुकदमे सोनभद्र, वाराणसी, गाजीपुर, जौनपुर, चंदौली और गाजियाबाद में दर्ज कराए गए। मेरा और मेरे परिवार का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। शुरू से हम लोग दवा व्यवसाय से जुड़े रहे। 100 करोड़ का माल बेचा है, कंपनी दवा बना रही है तो हम बेच ही सकते हैं। सही तरीके से और नियम कानून के तहत लाइसेंस धारकों को माल बेचा गया। एबॉट कंपनी से माल लेने वाले दिल्ली, एमपी, उत्तराखंड के लाइसेंस नहीं चेक किए जा रहे हैं। मुझे टारगेट किया जा रहा है। झारखंड में शैली ट्रेडर्स के जरिये नियम के तहत लाइसेंस धारकों को बेचा गया।
शुभम ने वीडियो में बताया कि एबॉट कंपनी ने माल बनाना बंद किया, जिसका स्टॉक जुलाई के अंतिम सप्ताह में बेचा गया। रूटीन जीएसटी भरने वाले और दुकानों पर जीपीएस के तहत माल बेचा। लेटर पैड पर बिल किया गया। इनवायस, ई-वेल बिल बनाकर माल बेचा गया। यह सब साक्ष्य में हैं। टोल से चेक कर लिया जाए कि गाड़ी नंबर सही है या गलत। फंसाने के उद्देश्य से जहां-जहां माल बेचा गया, वहां मुकदमा दर्ज कराया गया। अखिलेश यादव से अपील है कि गलत राजनीति नहीं करें। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गुहार लगाई कि न्याय हो। गाजियाबाद में सौरभ त्यागी से मेरा कभी कोई लेनादेना नहीं है। किसी राजनेता से मेरा कारोबारी संबंध नहीं है। फोटो वीडियो वायरल होने की जानकारी नहीं है।
राजा के परिजन पैसे के लिए धमका रहे थे
शुभम जायसवाल ने वीडियो के आखिरी में कहा कि अधिवक्ता राजा आनंद ज्योति सिंह हमारे मित्र थे। अच्छे संबंध रहे। उनकी मौत की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शराब के सेवन से हुई। विसरा भी सुरक्षित रखा गया। उस समय से उनके पिता, जीजा और अन्य रिश्तेदार पैसे की मांग कर रहे थे।