निगरानी समिति के अध्यक्ष ग्राम प्रधान संतोष लाल श्रीवास्तव ने बताया कि घर आने के दो दिन बाद युवक को सांस लेने में दिक्कत बढ़ने लगी। इस दौरान युवक को दोहरीघाट ले जाकर प्राइवेट अस्पताल में दिखाया गया। इसबीच रविवार की रात युवक की हालत अचानक और खराब हो गई। इस दौरान परिजन उपचार कराने के लिए दोहरीघाट स्थित अस्पताल पर ले गए। जहां डॉक्टरों ने युवक को मृत घोषित कर दिया।
परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार दोहरीघाट मुक्तिधाम पर किया। वहीं युवक की मौत की सूचना मिलते ही बड़राव सीएचसी की टीम मौके पर पहुंचकर कुल 8 महिला व पुरुष की थर्मल स्क्रीनिंग की। सभी का जांच में ठीक पाए गए।
स्क्रीनिंग टीम में सीएचसी अधीक्षक डॉ अशोक कुमार, डॉ पीएन सिंह, जियाउद्दीन, केके राय मौजूद रहे। मृतक की पत्नी गीता और उसके दो बच्चे मुंबई में है। घर पर मां और पिता जी हैं। पिता ने बेटे को मुखाग्नि देकर उसका अंतिम संस्कार किया।