87 फीसदी से अधिक है कारगर
शोध सहयोगी प्रशांत रंजन ने बताया कि कोरोना वायरस पर अभी तक अश्वगंधा को लेकर कहीं काम नहीं हुआ था। यह मॉलिक्यूल मानव शरीर में कोरोना वायरस के जीन को पूरी तरह से नष्ट करने में मददगार साबित होगा। मल्टी टारगेट एप्रोच होने के कारण यह जीन को पूरी तरह से काम नहीं करने देगा और उसे खत्म भी करेगा।
स्वास्थ्य संगठनों, अनुसंधान संस्थानों के सहयोग को तैयार
प्रो. परिमल दास ने बताया कि पेटेंट संरक्षण के साथ अनुसंधान दल के सदस्य अब सोम्निफेरिसिन फाइटो अणु के संभावित इस्तेमाल का पता लगाने के लिए तैयार हैं। सक्रिय रूप से फार्मास्युटिकल कंपनियों, अनुसंधान संस्थानों और स्वास्थ्य सेवा संगठनों के साथ साझेदारी और सहयोग की संभावनाएं तलाशी जा रही है। ताकि इसका इस्तेमाल कोरोना वायरस के इलाज में हो सके।