बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि छात्रों को जागरूक किया जाए कि वह दूसरों से कम से कम संपर्क में आएं। जो अपने घर चले गए हैं उन्हें अगले सूचना तक के लिए छात्रावास में वापस आने की अनुमति न दी जाए। कर्मचारियों एवं छात्रों को मेस, पुस्तकालय, कैफेटेरिया, टी-स्टाल, अन्य भोजन स्टालों एवं सार्वजनिक क्षेत्रों में समूह में एकत्रित न होने की सलाह दी जाए। इसके अतिरिक्त शोध छात्रों/एम.टेक छात्रों को अपना शोध कार्य ईमेल के माध्यम से अपने सुपरवाइजर से संपर्क करके किया जाए।
बीएचयू में सुपरवाइजर की अनुमति से रह सकेंगे शोध छात्र
बीएचयू कुलसचिव की ओर से बुधवार को आदेश जारी कर रेजिडेंट को छोड़कर बाकी छात्रों को हॉस्टल खाली करने को कहा गया है। इसके साथ ही कोरोना के संक्रमण से बचाव के लिहाज से मेस को भी बंद रखने का निर्णय लिया गया है। छात्रों से कहा गया है कि 31 मार्च तक कक्षाएं नहीं चलेंगी और न ही कोई परीक्षा होगी, ऐसे में हॉस्टल खाली कर अपने घर चले जाएं।
कुलसचिव ने अपने आदेश में बताया है कि अगर इस तिथि के बाद भी विश्वविद्यालय बंद किया जाता है तो इसकी सूचना दी जाएगी। इसके अलावा शोध छात्रों को उनके सुपरवाइज़र की अनुमति से अति आवश्यक शोध संबंधी गतिविधियां करने की छूट दी गई है। इसमें उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि दिशानिर्देशों व बचाव संबंधी उपायों का पालन कर रहे हैं। इस संबंध में शोध छात्रों या पोस्ट डॉक्टोरल शोधार्थियों को फेलोशिप भुगतान के लिए उपस्थिति बाध्यता से भी छूट दी जाएगी।