पहले जीती कोरोना की जंग, अब बाट रहे संदेश
सकारात्मक सोच का संदेश बांट रहे कोरोना योद्धा
कोरोना को मात देकर लौटने वालों से भेदभाव न करने की सलाह
अमर उजाला ब्यूरो
वाराणसी। कोरोना से जंग जीतने के बाद अब कोरोना योद्धा लोगों में सकारात्मक सोच रखने का संदेश बांट रहे हैं। इसमें कोरोना की जंग जीतकर घर लौटने वालों के साथ भेदभाव न करते हुए उनका हौसला अफजाई करने की अपील कर रहे हैं। आम तौर पर यही देखने को मिल रहा है कि कोरोना संक्रमित मरीजों या फिर उनके परिवारीजनों के प्रति लोग अलग भाव रख रहे हैं।
कुछ लोग तो बात करने से भी कतरा रहे हैं। साथ ही इस बीमारी को लेकर टिप्पणी भी की जा रही है। इस तरह की गतिविधियों पर रोक लग सके और होम आईसोलेशन या फिर अस्पताल में रहकर इलाज कराने वालों के प्रति सकारात्मक सोच रखा जाए, इसकी पहल कोरोना योद्धाओं ने शुरू की है।
होम आइसोलेशन में भी सतर्कता जरूरी
23 जुलाई को ही कोरोना संक्रमित होने वाले महमूरगंज रानीपुर निवासी राहुल सोनवानी की एक अगस्त को निगेटिव रिपोर्ट आई और आठ दिन होम आइसोलेशन में रहे। बताया कि अस्पताल में तो जो इलाज हुआ वह हुआ, होम आईसोलेशन में भी सेहत पर ध्यान दिया। कहा कि होम आईसोलेशन में भी सजगता- सतर्कता बरतने की जरूरत है। लोगों को कोरोना को मात देने वालों के प्रति सकारात्मक सोच रखने की जरूरत है।
अस्पताल में नहीं हुई कोई परेशानी
ककरमत्ता न्यू कॉलोनी निवासी ध्रुव सिंह की 17 जुलाई को रिपोर्ट पाजीटिव आई तो डीरेका अस्पताल में भर्ती हुए। 11 अगस्त को रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद डिस्चार्ज हुए अब स्वस्थ हैं। बताया कि अस्पताल में किसी तरह की कोई परेशानी नहीं हुई।
एक नजर में आंकड़ा
कुल संक्रमित मरीज 14197
कुल डिस्चार्ज मरीज 12407
होम आईसोलेशन में स्वस्थ 9672
अस्पताल से डिस्चार्ज 2735
एक्टिव केस 1559