वाराणसी। कोरोना काल के दौरान लोगों पर आर्थिक रूप से आपदा आई तो कुछ ने इसे अवसर में तब्दील कर दिया। किसी ने होम डिलिवरी का कारोबार शुरू किया तो किसी ने फेरी पटरी पर जमे जमाए कारोबार को और संवार लिया। युवाओं ने एक कदम आगे बढ़ते हुए सोच को विस्तार देकर नया कारोबार शुरू किया। इसमें जिला उद्योग व प्रोत्साहन केंद्र ने भी काफी मदद की। ओडीओपी, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम और मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत युवाओं को उद्योग, व्यापार लगाने और सेवा विस्तार के लिए ऋण भी मुहैया हुआ। वर्तमान में उनका रोजगार तेज गति से चल रहा है। पहले जहां नौकरी करते थे वहीं आज दूसरों को रोजगार दे रहे हैं।
मोमोज छोड़कर खोल दिया प्रोविजन स्टोर
लॉकडाउन के बाद फेरी पटरी व्यवसायियों की स्थिति बेहतर नहीं थी। हालांकि अनलॉक होते ही मोमोज का ठेला लगाने वाले लहरतारा निवासी प्रियांशु जायसवाल ने तुरंत रोजगार बदलकर प्रोविजन स्टोर खोल लिया। दोस्तों से मदद लेकर दुकान खोली और आज अच्छी आमदनी कर रहे हैं। दुकान के जरिए परिवार की गाड़ी खींच रहे हैं। प्रियांशु ने बताया कि शुरुआत में दिक्कत आई लेकिन जब ठान लिया कि यह कार्य करना है तो करना है।
लॉकडाउन में शुरू की होम डिलिवरी
सिगरा के शुभम अरोड़ा ने लॉकडाउन में ही हाउस कीपिंग सेवा क्षेत्र में कार्य शुरू किया। कोरोना संक्रमण से लोगों को
बचाने की मुहिम छेड़ने के साथ ही लोगों के घर-घर होम डिलिवरी की सुविधा शुरू की। वाजिब दाम के चलते शुभम का व्यापार चल पड़ा और वर्तमान समय में शुभम शाम के कुछ मेहनत के चलते अच्छी आय अर्जित कर पा रहे हैं।
प्रधानमंत्री भी कर चुके हैं इस स्ट्रीट वेंडर की तारीफ
फेरी पटरी व्यवसाय को आगे बढ़ाते हुए खोजवां के अरविंद मौर्य वर्तमान में फेरी पटरी व्यवसायियों के लिए नजीर बने हुए हैं। क्योंकि पीएम नरेंद्र मोदी ने खुद वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए अरविंद से रोजगार कें संबंध में वार्ता की और मोमोज खाने की इच्छा जताई थी। कोरोना काल में भी अरविंद ने हिम्मत नहीं हारी और फिर से दुर्गाकुंड पर मोमोज और काफी का स्टाल लगाना शुरू किया। वर्तमान में मोमोज की अच्छी बिक्री हो रही है।
नौकरी छोड़ लगाया खुद का बेकरी उद्योग
सिगरा, गांधीनगर के गुनगीत सिंग बग्गा ने नौकरी को छोड़ बेकरी उद्योग शुरू किया। इसी कोरोना काल में ही बेकरी उद्योग लगाया और ठीक ठाक कमाई कर रहे हैं। आर्डर पर घर तक होम डिलिवरी की सुविधा दे रहे हैं साथ ही चार कर्मचारियों को रोजगार भी दिया है।