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Sawan 2024: सावन में 50 लाख से अधिक रुद्राक्ष माला की खपत का अनुमान, 4 गुना बढ़ी महादेव से जुड़ी चीजों की मांग

Sun, 21 Jul 2024 03:11 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी

सार

Varanasi News: मनभावन सावन में बाबा भोलेनाथ से जुड़ी हर चीजों की डिमांड बढ़ जाती है। उनका प्रिय रुद्राक्ष माला के साथ अन्य मॉर्डर्न चीजें जैसे टी-शर्ट, गमछा, ब्रेसलेट, अंगूठी, कान की बाली आदि की डिमांड होने लगते हैं। काशी नगरी में छोटे-छोटे दुकान से लेकर बड़े-बड़े मॉल्स भी इन आइटम्स से भरे पड़े रहते हैं।
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भगवान शिव की भक्ति में रुद्राक्ष का विशेष महत्व है। - फोटो : अमर उजाला
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रुद्राक्ष का सनातन धर्म में विशेष महत्व है। भगवान शिव को भी यह अतिप्रिय है। आम दिनों के अलावा सावन में इसकी मांग चार गुना बढ़ जाती है। देश-विदेश से आने वाले भक्त देवालयों में इसे चढ़ाकर पूजन करते हैं।

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बनारस में भारत के हिमालयी क्षेत्र के राज्यों के अलावा नेपाल, इंडोनेशिया से रुद्राक्ष की माला आती है। इस बार 50 लाख से अधिक रुद्राक्ष की माला खपत होने का अनुमान है।

बनारस में विश्वनाथ गली में रुद्राक्ष का कारोबार ज्यादा होता है। यहां से रुद्राक्ष की माला पूर्वांचल के जिलों के अलावा दक्षिण के राज्यों में भी भेजी जाती है। यहां 25 से अधिक बड़े कारोबारी हैं। 
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कारोबारी तुलसी पटेल ने बताया कि सावन में कारोबार आम दिनों से चार गुना बढ़ जाता है। इसलिए सावन से दो-चार महीने पहले ही मंगा लिया जाता है। इस दौरान ज्यादा माल नेपाल और इंडोनेशिया से आता है। नेपाल की माला लोग ज्यादा पसंद करते हैं। उन्होंने बताया कि बाहर से माल आने के बाद उसकी फिनिशिंग की जाती है। इसके बाद बिक्री की जाती है। इसे अन्य राज्यों के कारोबारी भी ले जाते हैं।

भगवान शिव की आंख है रुद्राक्ष
रुद्राक्ष को भगवान शिव की आंख माना जाता है। आचार्य दैवज्ञ कृष्ण शास्त्री ने बताया कि रुद्राक्ष की उत्पत्ति भगवान शिव की आंसू से हुई है। इसलिए इसे भगवान शिव की आंख माना गया है। रुद्राक्ष को स्वयं देवाधिदेव महादेव भी धारण करते हैं। 

इसको धारण करने से भगवान शिव की कृपा बरसती है। साथ ही राशि के अनुसार धारण करने से और फलदायी होता है। इसके अलावा व्यक्ति में एकग्रता बढ़ती है और जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है।

21 मुखी तक होता है रुद्राक्ष
रुद्राक्ष एक मुखी, दो मुखी, पंचमुखी समेत 21 मुखी तक होता है। आचार्य दैवज्ञ कृष्ण शास्त्री ने बताया कि एक मुखी भगवान शिव स्वयं धारण करते थे। दो मुखी गौरी शंकर के रूप में होता है। सामान्यत: लोग पंच मुखी रुद्राक्ष धारण करते हैं। मगर, एक मुखी रुद्राक्ष कम मिलता है। इसको धारण करने वाला बहुत शक्तिशाली होता है। फुटकर में इनकी कीमत 70 से 200 रुपये तक है।
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चार गुना बढ़ी काशी विश्वनाथ से जुड़ी चीजों की मांग
सावन पर काशी विश्वनाथ से जुड़ी चीजों की मांग चार गुना बढ़ी है। वहीं, लोग जमकर केसरिया और बाबा भोले प्रिंट टी-शर्ट, कुर्ते, हाफ पैंट, बैंड, ब्रेसलेट की खरीदारी कर रहे हैं। कांवड़ और अन्य चीजें भी थोक और फुटकर में बिक रही हैं।

काशी रेडिमेड गारमेंंट एसोसिएशन के संरक्षक श्रीनारायण खेमका ने बताया कि सावन में श्रीकाशी विश्वनाथ की फोटो, लकड़ी के कॉरिडोर मॉडल समेत अन्य चीजों की मांग काफी बढ़ जाती है। अन्य जिलों से फुटकर दुकानदार थोक में खरीदारी करते हैं।

दशाश्वमेध व्यापार मंडल के अध्यक्ष सुरेश तुलस्यान ने बताया कि बाजार में भगवा रंग के कपड़े छाए हुए हैं। मंदिर के आसपास इनकी मांग ज्यादा है। बाजार में कुर्ता 400 रुपये, ब्रेसलेट 200 रुपये, कड़ा 70 रुपये, बैंड 50 रुपये, बाबा भोले की टीशर्ट 200 से 250 रुपये तक है।
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