विद्यापीठ के कुलपति बोले- संविधान राम के आदर्शों को स्थापित करने वाला
पुलिस आयुक्त और एडीजी जोन ने पुलिस कर्मिर्याें को दिलाया संकल्प
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। संविधान दिवस पर काशीवासियों ने मंगलवार को पूरे दिन कानून के पालन का संकल्प लिया। स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी और पुलिस प्रशासन के कार्यालयों में रचनात्मक कार्यक्रम और प्रतियोगिताएं हुईं। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल, एडीजी जोन पीयूष मोर्डिया, आईजी रेंज मोहित गुप्ता ने अपने-अपने कार्यालयों में पुलिसकर्मियों का संविधान के पालन की शपथ दिलाई। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक पाठ हुआ। कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने सदस्यों को शपथ दिलाई। डीएवी कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. विकास कुमार सिंह ने छात्र और छात्राओं को संविधान की रक्षा करने का संकल्प दिलाया। छात्रों ने ट्रंपोनॉमिक्स और भारत पर प्रभाव की चर्चा की।
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति ने ज्ञान-विज्ञान पार्क में बाबा साहेब आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कहा कि हमारा संविधान भगवान राम के आदर्शों को स्थापित करने वाला है। विद्यापीठ की संगोष्ठी में पहुंचे अतिरिक्त सत्र एवं जिला जज विजय कुमार विश्वकर्मा ने कहा कि संविधान वंचितों को अधिकार देता है। विधि विभाग से गांधी जी प्रतिमा तक रैली भी निकली। भाषण प्रतियोगिता में एमएसडब्ल्यू के ज्ञान चंद्र मौर्या पहले स्थान पर रहे।
घनश्याम सिंह कॉलेज की यूथ पार्लियामेंट में सांसद बनकर छात्रों ने खेल विकास विधेयक-2024 को पास किया। विदेशी मेहमानों का स्वागत और प्रश्नकाल भी हुआ। डाकघर में पोस्ट मास्टर जनरल ने कहा कि डेढ़ लाख से ज्यादा डाक नेटवर्क के माध्यम से वंचित वर्गों तक पहुंचाया जा रहा है। कोविड काल में ड्रोन से दवाएं पहुंचाई गईं।
पीएम के गांव में शहीदों को किया याद
ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों ने संविधान दिवस पर बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम नागेपुर में लोक समिति और आशा ट्रस्ट ने संगोष्ठी की। संविधान निर्माता डॉ भीम राव आंबेडकर, महात्मा गांधी और लोक नायक जयप्रकाश नारायण की प्रतिमा के सामने दीप जलाकर शहीदों को याद किया। चिरईगांव के अमृत सरोवर पर ग्रामीणों को संविधान की सीख दी गई। बीडीओ वीरेंद्र द्विवेदी और एडीओ पंचायत कमलेश कुमार सिंह, ने सभीं लोगों को शपथ दिलाई।
प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों ने ली शपथ
परिषदीय विद्यालयों में भी संविधान दिवस पर विविध कार्यक्रम आयोजित हुए। इसमें वाद- विवाद , निबंध और भाषण प्रतियोगिताएं हुईं। प्राथमिक विद्यालय जमापुर, फूलपुर, सुरही, सिंधोरा, पिंडरा, धरसौना, चुप्पेपुर, जाठी, अजईपुर में विजेताओं को पुरस्कृत किया। वहीं कंपोजिट विद्यालय समोगरा, रमईपट्टी करखियाव, प्रसादपुर में निबंध, भाषण व वाद- विवाद प्रतियोगिता का आयोजन हुआ।
कंपोजिट स्कूल में बच्चों का सम्मान
कंपोजिट स्कूल रमईपट्टी में स्टेट अवॉर्डी शिक्षक कमलेश कुमार पांडेय ने संविधान में वर्णित संघ और राज्यों के बीच विधायी शक्तियों के विभाजन को समझाया। इस दौरान हमारा संविधान विषय पर आयोजित प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम में भी बच्चों ने हिस्सा लिया।
संविधान से होती है मानवाधिकार की रक्षा
राज नारायण विधि महाविद्यालय के इंटर्नशिप प्रोग्राम में सफलतापूर्वक प्रतिभाग करने वाले छात्रों को प्रमाण पत्र प्रदान दिया। संगोष्ठी में अपर जिला जज एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण विजय कुमार विश्वकर्मा ने कहा कि भारत का संविधान मानवाधिकार की रक्षा करता है। अनुच्छेद 39ए के अंतर्गत निशुल्क विधिक सहायता, दुष्कर्म पीड़िता को आर्थिक मदद, कारागार में निरुद्ध कैदियों के जमानत के लिए आर्थिक मदद, दुर्घटना में मृत व्यक्तियों के परिवार को अनुकंपा आदि का इंतजाम है।