काशी विश्वनाथ मंदिर में पीएम मोदी और दादा के बीच हुई 10 मिनट की बातचीत का कभी नहीं हुआ खुलासा
- 2017 में दादा का टिकट कटने के बाद प्रधानमंत्री उनकी नाराजगी भांपकर उन्हें ले गए थे मंदिर परिसर के अंदर
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। सबसे पुराने संघ कार्यकर्ताओं में से एक रहे श्यामदेव राय चौधरी दादा 1989 से 2017 तक लगातार सात बार शहर दक्षिणी से विधायक रहे। 2017 में टिकट कटने के बाद उनकी नाराजगी जगजाहिर हुई। हालांकि, उन्होंने पार्टी नहीं छोड़ी। उसी दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रोड शो करने काशी आए। उन्होंने दादा की नाराजगी भांपी और गेट नंबर चार से हाथ पकड़कर मंदिर के अंदर ले गए। करीब दस मिनट तक प्रधानमंत्री दादा का हाथ पकड़कर परिसर में टहलते हुए उनसे बातचीत करते रहे। इस दस मिनट की मुलाकात में क्या बातचीत हुई ये हमेशा राज ही रहा। न प्रधानमंत्री ने कभी इसका जिक्र किया और न ही दादा ने इस पर कभी कुछ बोला।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दादा के बीच क्या बात हुई ये जानने की कई बार कोशिश की गई। कार्यकर्ताओं ने कई बार दादा से पूछा कि प्रधानमंत्री ने क्या कहा। लेकिन, दादा हमेशा टालते रहे, उन्होंने कभी जिक्र ही नहीं किया। हालांकि, टिकट कटने के बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति से संन्यास ले लिया। 2017 के बाद वह बमुश्किल एकाध बार ही पार्टी के कार्यक्रमों में दिखाई दिए। हां, ये जरूर था कि उन्होंने न पार्टी छोड़ी और न ही पार्टी के खिलाफ कभी कोई बयानबाजी की। यही कारण भी रहा कि सक्रिय राजनीति में न होने के बाद भी प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री समेत सभी नेता उनका हालचाल जानते रहे।
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सादगी के किस्से भी लोग खूब सुनाते थे
दादा की सादगी के किस्से भी लोग खूब सुनाते रहे। कैबिनेट मंत्री रहते हुए उन्हें काशी की गलियों में ऐसे ही घूमते देखा जाता था। शहर में कहीं हो रहे वैवाहिक कार्यक्रमों में वह अक्सर किसी भी कार्यकर्ता, पड़ोसी की बाइक और स्कूटर पर बैठकर ही पहुंच जाते थे।
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2014 में बिजली कटौती से नाराज दादा ने शुरू किया अनशन
सपा सरकार में बिजली कटौती के खिलाफ दादा मैदागिन उपकेंद्र में अनशन पर बैठ गए। करीब दस दिनों तक उनका अनशन चलता रहा। उस समय बनारस को 14 से 18 घंटे ही बिजली मिलती थी। दादा 24 घंटे निर्बाध आपूर्ति की मांग को लेकर धरने पर बैठे। तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने दादा से फोन पर बातकर निर्बाध बिजली देने का वादा कर अनशन खत्म कराया।
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शिव प्रसाद सांख्यिकी के सात पुत्र व एक पुत्री थी। दादा श्याम देव राय चौधरी भाइयों में दूसरे नंबर पर थे। दादा के बड़े पुत्र प्रणव प्रकाश राय चौधरी और पुत्रवधू का निधन हो चुका है।
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- 1968 से लेकर 1976 तक जनसंघ के सभासद रहे।
- 1974 में भाजपा महानगर के शहर दक्षिणी विधानसभा मंडल के महामंत्री रहे।
- 1980 से 1988 तक भाजपा महानगर के उपाध्यक्ष रहे।
- 1974 में जनता कर्फ्यू आंदोलन के दौरान जेल में बंद रहे।
- 1975 से 1977 तक इमरजेंसी (आपातकाल) में जेल में बंद रहे ।
- 1984 में प्रथम बार शहर दक्षिणी विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी रहे।
- 1984 से 1989 तक कई जन आंदोलन किए।
- 1989 से लेकर 2017 तक शहर दक्षिणी के सात बार तक अजेय विधायक रहे।
- 2007 और 2012 में उत्तर प्रदेश विधानसभा में प्रोटेम स्पीकर चुने गए।
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अंतिम यात्रा में भाजपा, सपा, कांग्रेस के प्रतिनिधि सभी हुए शामिल
दादा के निधन का समाचार मिलते ही जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता अस्पताल पहुंचने लगे। इनके अलावा सपा, कांग्रेस के नेता भी अस्पताल और उनके घर पहुंचे। शहर दक्षिणी के विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी जो लखनऊ के लिए रवाना हुए थे, वह सूचना पाकर लौट आए। श्रद्धांजलि देने उनके आवास पर राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल व डॉ. दयाशंकर मिश्र दयालु, विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी, सौरभ श्रीवास्तव, सुनील पटेल, वरिष्ठ भाजपा नेता शिवनाथ यादव, क्षेत्रीय अध्यक्ष दिलीप पटेल, जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा, पूर्व मेयर रामगोपाल मोहले व मृदुला जायसवाल, महानगर अध्यक्ष विद्यासागर राय, एमएलसी धर्मेंद्र राय, भाजपा नेता गौरव राठी, अशोक धवन, कौशलेंद्र सिंह पटेल, संजय राय, सपा नेता एवं पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह पटेल, राकेश जैन, संजय राय, पूर्व महानगर अध्यक्ष टीएस जोशी, नवरतन राठी, सुधीर मिश्रा समेत कई नेता, व्यापारियों ने उनके पार्थिव शरीर पर श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए शोक संवेदना व्यक्त की।
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सपा नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
दादा के निधन पर सपा नेताओं ने आवास पर पहुंचकर श्रद्धासुमन अर्पित किए। महानगर अध्यक्ष दिलीप डे, मनोज राय धूपचंडी, योगेंद्र यादव, राजू यादव, सत्यप्रकाश सोनकर सोनू, वरुण सिंह, अनिल साहू, संजय यादव, सोनू लाल विश्वकर्मा, अवधेश कुशवाहा, दुर्गा यादव, राज कुमार राजवीर, मीडिया प्रभारी रामजी यादव ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।