सिपाही भर्ती परीक्षा की लिखित ऑनलाइन परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थियों का बायोमैट्रिक वेरिफिकेशन और शैक्षणिक प्रमाण पत्रों का सत्यापन इन दिनों पुलिस लाइन में हो रहा है। बीती 14 दिसंबर को पुलिस की जानकारी में आया था कि अभ्यर्थियों का फर्जी तरीके से बायोमैट्रिक वेरिफिकेशन टीसीएस कंपनी का कर्मचारी प्रदीप कर रहा है। प्रकरण की जांच एसपी क्राइम ज्ञानेंद्र नाथ प्रसाद की निगरानी में क्राइम ब्रांच की विवेचना सेल कर रही है।
पटना से आए मुन्ना भाइयों ने दी थी लिखित परीक्षा
पूछताछ में विवेक ने बताया कि सिपाही अमित ने चार अभ्यर्थियों को परीक्षा पास कराने का ठेका लिया था। हरिओम का परीक्षा केंद्र वाराणसी और शंकर यादव सहित तीन अन्य अभ्यर्थियों का परीक्षा केंद्र गोरखपुर था। पटना में पढ़ने वाले मुन्नी, फुल्लन और राजेश सहित अन्य परीक्षा देने बनारस और गोरखपुर आए थे।
15 दिसंबर को सिपाही अमित ने फोन कर कहा था कि शंकर का बायोमैट्रिक वेरिफिकेशन होना है, इसलिए 17 दिसंबर को बनारस पुलिस लाइन जाकर टीसीएस कंपनी के कर्मचारी प्रदीप को डेढ़ लाख रुपये दे देना। एसपी क्राइम ज्ञानेंद्र ने बताया कि लिखित परीक्षा देने वाले मुन्ना भाइयों को पकड़ने के लिए एक टीम पटना रवाना की गई है। सिपाही अमित के संबंध में महाराजगंज जिले के पुलिस अधीक्षक को रिपोर्ट भेजी जाएगी।