यह है पूरा मामला
दरअसल, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने 3 अक्टूबर को वारणसी का दौरा किया था। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने सर्किट हाउस के बाहर स्मृति ईरानी का काफिला रोक कर प्रदर्शन किया था। इसके बाद कार्यकर्ताओं पर पुलिसकर्मियों पर हमला करने, रास्ता रोकने, सरकार विरोधी नारा लगाने, कोरोना नियमों का पालन नहीं करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया।