कहा कि इस सरकार ने छोटे उद्योगों को खत्म कर दिया। कर्ज के बोझ से दबे व्यापारियों ने सबसे अधिक आत्महत्या किया है। सभी प्रकार के छोटे उद्योग पूरी तरह नष्ट हो गया है। डीजल-पेट्रोल की कीमतें आसमान छू रही हैं। इस सरकार में मंडियों की व्यवस्था चौपट होने से किसान बदहाल हैं। किसानों पर तीन काले कानून थोप दिए गए इसलिए किसान आक्रोशित और आंदोलित हैं। सच तो यह है कि भाजपा ने एक भी अपना वादा पूरा नहीं किया। नौजवानों से रोजगार देने के नाम पर छल हुआ।
कांग्रेस नेता ने कहा कि धरातल पर कार्य शून्य के बराबर है। कहा कि समाज में भेदभाव और विपक्ष के प्रति बदले की भावना से कार्रवाई होने से भाजपा सरकार जनता की निगाहों में अपनी साख खो चुकी है। अच्छे दिन की जनता की उम्मीदें टूट गई हैं। आगामी विधानसभा चुनाव के लिए अब बस गिने चुने दिन ही रह गए हैं। 2022 में भाजपा की विदाई तय है।