वाराणसी में कांग्रेस और सपा नेताओं ने बृहस्पतिवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान चंदौली से सपा सांसद वीरेंद्र सिंह ने कहा कि देश में ऐसी स्थिति पैदा की जा रही है जिसमें नागरिक होने के बावजूद लोग मतदाता नहीं रह पा रहे हैं।
इंडिया गठबंधन और समाजवादी पार्टी ने बृहस्पतिवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग की। पार्टी कार्यकर्ताओं ने कचहरी स्थित शास्त्री घाट से लोकतंत्र बचाओ, ज्ञानेश को हटाओ... नारे के साथ पैदल मार्च निकाला। यह मार्च जिला मुख्यालय पहुंचा, जहां राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट महेंद्र कुमार सिंह को सौंपा गया।
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चंदौली से सपा सांसद वीरेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार भारतीय जनता पार्टी के चुनावी एजेंट की तरह कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश में ऐसी स्थिति पैदा की जा रही है जिसमें नागरिक होने के बावजूद लोग मतदाता नहीं रह पा रहे हैं।
जिलाध्यक्ष सुजीत यादव लक्कड़ ने कहा कि मताधिकार छीनना लोकतंत्र की पूरी परिभाषा बदल देता है। उन्होंने कहा, मताधिकार को कमजोर करना जनता के सांविधानिक अधिकारों को छीनने की गंभीर साजिश है, इसके खिलाफ समाजवादी पार्टी सड़क से लेकर लोकतांत्रिक संस्थाओं तक संघर्ष करेगी।
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पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह पटेल ने मतदाता सूची में नए मतदाताओं के नाम जोड़ने की प्रक्रिया को जटिल बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि फॉर्म-7 के माध्यम से बिना पर्याप्त परीक्षण और सत्यापन के मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं। जिला प्रवक्ता संतोष यादव बबलू ने कहा कि अशुद्ध मतदाता सूची के आधार पर चुनाव कराना लोकतंत्र की मूल भावना के साथ खिलवाड़ होगा। संचालन संतोष यादव बबलू ने किया। इस दौरान आशुतोष सिन्हा, उदय लाल मौर्या, महेंद्र सिंह पटेल, राजदेव सिंह, रीबू श्रीवास्तव, डॉ. ओपी सिंह आदि मौजूद रहे।
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कांग्रेस प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
कांग्रेस ने पदयात्रा निकाल ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांगा
जिला एवं महानगर कांग्रेस कमेटी ने बृहस्पतिवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के लिए पदयात्रा निकाली। यह पदयात्रा मैदागिन स्थित राजीव गांधी की प्रतिमा से शुरू होकर पीएम श्री राजकीय क्वींस इंटर कॉलेज लहुराबीर के मुख्य द्वार तक गई। इसी स्कूल से ज्ञानेश कुमार ने स्कूली शिक्षा हासिल की थी। कार्यकर्ताओं ने कॉलेज के मुख्य द्वार पर गंगा जल छिड़ककर शुद्धीकरण किया और अपना विरोध दर्ज कराया।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि ज्ञानेश कुमार ने वाराणसी के इसी क्वींस इंटर कॉलेज से शिक्षा प्राप्त की है। उनके कार्यों से काशी और शिक्षण संस्थान की प्रतिष्ठा पर सवाल उठ रहे हैं। कहा कि लोकतंत्र में जनता के वोट सबसे बड़ी ताकत हैं। मताधिकार से किसी भी तरह का खिलवाड़ लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सीधा आघात कहा। है। पदयात्रा के दौरान कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग की। कार्यकर्ताओं ने कहा कि जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, कांग्रेस का विरोध जारी रहेगा। यह लड़ाई चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और लोकतंत्र की मजबूती के लिए है।
महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने जनता के मताधिकार की रक्षा को प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य बताया। आरोप लगाया कि विपक्ष की आवाज दबाने के लिए गिरफ्तारियां की जा रही हैं। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश्वर सिंह पटेल ने मताधिकार को प्रभावित करने या वोट की चोरी के प्रयास को जनता के अधिकार पर सीधा हमला बताया। इस मौके पर सजीव सिंह, गुलशन अली, फसाहत हुसैन, वकील अंसारी, प्रवीण प्रकाश, सुनील श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
बीएचयू में धरने के 16वें दिन भूख हड़ताल पर बैठे 5 छात्र
बीएचयू में अभाविप का अनिश्चितकालीन धरना बृहस्पतिवार को आमरण भूख हड़ताल में तब्दील हो गया। चीफ प्रॉक्टर हटाओ थीम के साथ 16वें दिन पांच छात्रों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी। विवि प्रशासन के खिलाफ आर-पार की जंग की चेतावनी भी दी। भूख हड़ताल में इकाई अध्यक्ष पल्लव सुमन, इकाई मंत्री अनुराग तिवारी, डॉ. सत्यनारायण सिंह, अर्पण राघव और पुनीत मिश्रा शामिल हैं।
आंदोलनकारी छात्रों ने स्पष्ट कर दिया है कि यह अनशन भ्रष्ट चीफ प्रॉक्टर को पद से हटाए जाने के बाद ही समाप्त होगा। छात्रों ने चीफ प्रॉक्टर को बर्खास्त करने सहित 10 मांगें रखी। इनमें परिसर में सीसीटीवी कैमरों और स्ट्रीट लाइटों की बदहाली, ऑडिटोरियम आवंटन में वित्तीय व प्रशासनिक अनियमितता और छात्रों पर किए गए फर्जी मुकदमों की वापसी प्रमुख मांगें हैं। डॉ. सत्यनारायण सिंह, अर्पण राघव और पुनीत मिश्रा ने संयुक्त रूप से कहा कि छात्रों की आवाज दबाने के लिए दंडात्मक कार्रवाइयों का सहारा लिया जा रहा है। चेतावनी दी कि यदि अनशन के दौरान किसी भी छात्र के स्वास्थ्य को कोई नुकसान पहुंचता है, तो इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी बीएचयू प्रशासन और चीफ प्रॉक्टर की होगी।
सीएमओ कार्यालय पर धरना देने पहुंचे संविदा डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ
सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों की सेवा करने वाले एनएचएम संविदा कर्मियों (डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ) ने कामकाज छोड़कर बृहस्पतिवार को सीएमओ कार्यालय पर धरना दिया। समान काम-समान वेतन, नियमितीकरण की मांग उठाई। कहा कि 10 अक्तूबर तक हर दिन धरना दिया जाएगा। इसके बाद भी मांगें पूरी नहीं हुईं तो हड़ताल की जाएगी।
एनएचएम संविदा कर्मचारी संघ से जुड़े सदस्य इन दिनों सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर, लैब टेक्नीशियन, एएनएम, स्टाफ नर्स के साथ ही स्वास्थ्य विभाग में काउंसलर और ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। इनकी ओर से लंबे समय से स्थायीकरण की मांग की जा रही है।
संघ की वाराणसी शाखा के जिलाध्यक्ष संदीप कुमार सिंह के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने सीएमओ कार्यालय पर धरना दिया। इसमें कहा कि नियमितीकरण, समान वेतन और कैशलेस इलाज हमारा अधिकार है। कहा कि अगर तीन दिन के धरने के बाद शासन स्तर से जायज मांगों पर लिखित और ठोस निर्णय नहीं आया तो 12 अक्तूबर से लखनऊ में अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी। कहा कि अब तक कई बार मांग करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई। इस दौरान आमिर खान, डॉ. सतीश कुमार सिंह, डॉ. अब्दुल जावेद, डॉ. कुंवर अमित सिंह, नीतीश कुमार चौबे, प्रकाश श्रीवास्तव, कमल कांत तिवारी आदि मौजूद रहे।