वाराणसी में कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन
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अगस्त क्रांति दिवस के मौके पर पीएम के संसदीय क्षेत्र में भाजपा सरकार के खिलाफ कांग्रेसजन सड़क पर उतरे। किसानों और नौजवानों के मुद्दों को लेकर कांग्रेस पार्टी भाजपा सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है। वाराणसी जिला मुख्यालय और कचहरी में जबरन घुसने का प्रयास किया।
सैकड़ों की संख्या में जिला मुख्यालय पहुंचे कांग्रेस नेताओं और उनके समर्थकों ने भाजपा और पीएम मोदी विरोधी नारे लगाए। केंद्र सरकार पर तानाशाही रवैया और वादाखिलाफी के आरोप लगाते हुए नारेबाजी की गई।
कचहरी में घुसने के प्रयास में पुलिस के साथ धक्कामुक्की भी हुई। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग भी किया। जिला मुख्यालय पर आधे घंटे तक अफरा तफरी की स्थिति रही। जिला मुख्यालय और कचहरी की जाने वाली सभी सड़कें जाम हो गई।
जिला मुख्यालय में घुसने कर रहे 100 से ज्यादा कांग्रेस समर्थकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। वाराणसी के पूर्व सांसद राजेश मिश्रा, पूर्व विधायक अजय राय,जिलाध्यक्ष सतीश चौबे, प्रजानाथ शर्मा महानगर अध्यक्ष सिताराम केसरी और शैलेंद्र सिंह ने भी अपनी गिरफ्तारी दी।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि काशीवाशियों को झूठा सपना दिखाने वाली मोदी सरकार के तीन साल हो गए लेकिन एक सड़क भी ठीक से नहीं बन पाई।
बता दें कि कॉग्रेस पार्टी ने अगस्त क्रांति के दिन यानी 09 अगस्त से ‘किसान बचाओ, रोजगार लाओ’ के नारे के साथ प्रदेश भर में सड़कों पर उतरने का ऐलान किया था। जन आंदोलन और जेल भरो आंदोलन का ऐलान किया था। 28 दिसंबर तक लगातार कांग्रेस प्रदर्शनों का दौर जारी रखेगी।