सभा को संबोधित करते जंयत चौधरी
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राष्ट्रीय लोकदल के उपाध्यक्ष और पूर्व सांसद जयंत चौधरी ने कहा कि कैराना उपचुनाव के परिणाम से पूरे देश में सामाजिक गठबंधन का संदेश गया है। इसके बाद देश की राजनीति में भी बदलाव आया। बांटने की राजनीति करने वाले भी किसानों की बात करने लगे हैं। प्रधानमंत्री गन्ना किसानों से संवाद कर रहे हैं।
अपना दल की ओर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने से पहले सर्किट हाउस में पत्रकार वार्ता में पूर्व सांसद जयंत चौधरी ने कहा कि कैराना में सामाजिक समरसता के चलते जीत मिली और यह संदेश गया कि हिंदू-मुस्लिम के बंटवारे की राजनीति नहीं चलेगी।
चुनाव परिणाम के बाद सरकारों ने किसानों की बात शुरू कर दी। केंद्र सरकार भी समझ गई कि किसान अगर उसकी असलियत जान गया तो उसके लिए ठीक नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि अपना दल से भावनात्मक जुड़ाव रहा है। ओम प्रकाश राजभर के सवाल पर कहा कि वे सरकार में मंत्री हैं और समय समय पर अपनी बात कहते हैं।
ऐसे में लगता है कि सरकार और उनमें मतभेद है। यदि वैचारिक मतभेद है तो उनको हमारे साथ आना चाहिए। विपक्ष के महागठबंधन के सवाल पर कहा यह सामाजिक गठबंधन है और समय के साथ बहुत कुछ स्पष्ट होगा।
विपक्ष की एकजुटता के आह्वान के साथ हुए अपना दल के कार्यक्रम से सपा-बसपा ने दूरी बनाए रखी। डॉ. सोनेलाल की जयंती पर कांग्रेस, सपा, बसपा, रालोद, एनसीपी, जदयू, कम्युनिस्ट पार्टी के नेताओं के आने का दावा किया गया था लेकिन सिर्फ कांग्रेस और रालोद के ही नेता मंच पर नजर आए।
इस बारे में अपना दल की राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्णा पटेल ने यह कहकर विपक्ष के महागठबंधन की संभावनाओं का बचाव किया कि अभी समय नहीं आया है। जब समय आएगा तो सपा-बसपा के नेता भी मंच पर होंगे।
गौरतलब है कि प्रदेश के कैबिनेट मंत्री एवं सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने भी मंच साझा करने का एलान किया था लेकिन ऐन वक्त पर वह पलटी मार गए और शामिल नहीं हुए।