हृदयपुर में हुई किसानों की महापंचायत।
रिंग रोड के लिए अधिग्रहीत की गई जमीन के नए सर्किल रेट पर मुआवजे को लेकर किसान अब सत्याग्रह का सहारा लेंगेे। सोमवार को हृदयपुर में हुई महापंचायत में निर्णय लिया गया कि किसान अब धरना-प्रदर्शन के बजाय सत्याग्रह का रास्ता अपनाएंगे। अपनी मांगें मनवाने के लिए किसान अहमदपुर और हृदयपुर में निर्माणाधीन रिंग रोड पर दिन-रात शांतिपूर्ण ढंग से बैठेंगे। हालांकि किसानों ने साफ किया है कि 19 गांवों में काम शुरू न होने पाए, इसके लिए उनकी निगरानी चौकियां और रात में गश्त करने की योजना जारी रहेगी।
महापंचायत में 19 गांवों के किसान शामिल हुए। पिछले दिनों जिलाधिकारी से बातचीत के बाद यह निर्णय लिया गया था कि जिन सात गांवों में मुआवजे की प्रक्रिया पूरी हो गई है, वहां काम शुरू हो और किसान उसमें बाधा न पहुंचाएं। साथ ही जिलाधिकारी ने शासन को पत्र लिखकर किसानों की मांगों से अवगत कराने व दिशानिर्देश प्राप्त करने की बात कही थी। किसान इसके लिए तैयार भी हो गए। इसी के तहत किसानों ने फिलहाल धरना-प्रदर्शन नहीं करने का फैसला लिया है।
महापंचायत में विजय शंकर पांडे, महेंद्र सिंह यादव, सुरेंद्र पटेल, हीरालाल मौर्या, कांता मौर्या, मंशा मौर्या, बेबी यादव, रानी देवी, कलावती देवी, कलावती, उर्मिला, शकुंतला, पन्ना लाल यादव आदि लोग उपस्थित रहे। इसमें अहमदपुर, हसनपुर, हृदयपुर, सिंहपुर, फरीदपुर, धनहापुर, कानूडीह सहित अन्य गांवों के लोग रहे।