वाराणसी नगर निगम ने शहर को ‘गार्बेज फ्री सिटी’ (कूड़ा मुक्त शहर) बनाने के लिए चरणबद्ध तरीके से खुले कूड़ाघरों को बंद करने का अभियान शुरू कर दिया है। सोनिया कूड़ाघर के पास हाल ही में कब्जामुक्त कराई गई अस्तबल की जमीन और वहां स्थित सार्वजनिक शौचालय के क्षेत्र को शामिल करते हुए भूमिगत कॉम्पैक्टर बनाया जाएगा। इसमें कूड़े को दबाकर रखा जाएगा। इसके लिए निर्माण प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
पुराने निर्माण को मजदूरों की मदद से हटाया जा रहा है। इसके बनने से कचरे से होने वाले प्रदूषण और दुर्गंध से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। आने वाले दिनों में शहर में एक भी खुला कूड़ाघर नहीं रहेगा।
वहीं, सड़कों के किनारे रखे कूड़ा कंटेनरों और डस्टबिनों को भी भूमिगत करने की योजना है। इसके लिए कार्ययोजना तैयार की गई है, ताकि शहर में कहीं भी कचरा खुले में दिखाई न दे। घर-घर कूड़ा संग्रह के बाद कचरे को सीधे प्रोसेसिंग प्लांट भेजा जाएगा।
नगर में ठोस कचरा प्रबंधन को स्मार्ट सिस्टम से जोड़ा गया है। स्मार्ट सिटी के कंट्रोल एंड कमांड सेंटर से कूड़ाघरों, सड़क किनारे रखे बड़े कंटेनरों तथा सामुदायिक और सार्वजनिक शौचालयों की निगरानी की जा रही है। कूड़ा उठान की नियमित रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
नगर निगम मुख्यालय में स्वच्छता वार रूम भी बनाया गया है, जहां से पूरे सिस्टम की निगरानी होती है। मेयर अशोक कुमार तिवारी ने कहा कि शहर को जल्द ही कूड़ाघर मुक्त बनाने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है।