यूपी के बलिया जिले में कुछ दिन पूर्व सिकंदरपुर और रतसर में हुए सांप्रदायिक तनाव अभी शांत ही नहीं हुआ था कि दिवाली की देर रात यहां कुछ वैसा ही होने वाला था। लेकिन पुलिस की मौजूदगी और त्वरित कार्रवाई से मामला बिगड़ने से बच गया। पुलिस ने दोनों समुदाय के लोगों के बीच बाचतीत के जरिए मामला सुलझा दिया। इससे एक बड़ी घटना होने से टल गई।
कुछ दिन पूर्व सिकंदरपुर, रतसर में हुए सांप्रदायिक तनाव अभी शांत ही नहीं हुआ था कि गुरुवार की देर रात क्षेत्र में मामला तूल पकड़ने से बच गया। दीपावली की रात बच्चे पटाखे जला रहे थे। इस बीच दूसरे समुदाय के लोग पटाखे की आवाज को लेकर विरोध करने लगे। बस इसी को लेकर दोनों समुदाय के लोगों के बीच पहले तू-तू, मैं-मैं और फिर झड़प शुरू हो गई। इस बीच किसी ने सूचना यूपी 100 नंबर को दी।
आनन-फानन पुलिस मौके पर पहुंची। थोड़ी देर बाद ही एक प्लाटून पीएसी के जवान के साथ कई थानों की फोर्स भी मौके पर आ गई। गांव पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। इस दौरान पुलिस ने दोनों पक्षों के कुछ लोगों को हिरासत में लिया। दूसरे दिन शुक्रवार को सीओ की अध्यक्षता में हुई बैठक में दोनों पक्षों के लोगों को समझाया गया और लोग मान गए। इसके बाद क्षेत्र में शांति हो गई।
लेकिन फिर भी अधिकारियों ने वहां पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी थी। सीओ सिटी हितेंद्र कृष्ण ने कहा कि पटाखा जलाने को लेकर दो समुदाय के लोग आपस में भिड़ गए थे। लेकिन पुलिस की तत्परता से तत्काल प्रभाव से स्थिति को नियंत्रण में कर लिया गया। शांति व्यवस्था के लिए फोर्स लगा दी गई है। किसी भी सूरत शांति व्यवस्था कायम रखना है।
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