वीआईपी आमद के चलते विश्वनाथ मंदिर प्रशासन ने 10 अक्तूबर की मंगला आरती के टिकट की बिक्री रोक दी है। यह रोक पांच दिन पहले से लगी है। श्रद्धालुओं को काउंटर से वापस किए जाने पर इसका खुलासा हुआ। मंगला आरती के टिकट की बिक्री किस कारण से रोकी गई, इस पर अफसर स्पष्ट रूप से कुछ कहने से बच रहे हैं।
प्रभारी मुख्य कार्यपालक अधिकारी पीएन द्विवेदी ने इतना स्वीकार किया कि कुछ खास अतिथियों के प्रस्तावित आगमन को देखते हुए टिकट जारी न करने लिए कहा गया था ताकि अधिक भीड़ न होने पाए।
विश्वनाथ मंदिर में शनिवार को आखिर कौन वीआईपी आने वाले हैं, जिनकी वजह से टिकट की बिक्री पर रोक लगानी पड़ी, इसे लेकर सवाल उठ रहे हैं। पता चला है कि पांच अक्तूबर को ही मंदिर प्रशासन ने टिकट काउंटर पर फरमान भिजवा दिया कि 10 अक्तूबर के लिए मंगला आरती के टिकट न बेचे जाएं।
इसके बाद भक्तों को काउंटर से वापस किया जाने लगा। कुछ श्रद्धालुओं ने शिकायत भी की लेकिन उनकी सुनी नहीं गई। कहा जा रहा है कि शनिवार को न्यास परिषद की बैठक होनी थी। इसमें प्रमुख सचिव धर्मार्थ नवनीत सहगल समेत कई अफसरों को आना था।
चर्चा है कि न्यास की बैठक में आने वाले अफसरों की वजह से ही मंदिर प्रशासन ने मंगला आरती के टिकट की बिक्री रोक दी। प्रभारी सीईओ ने वीआईपी का नाम नहीं लिया लेकिन बताया कि जरूरत से ज्यादा टिकट बिकने से श्रद्धालुओं को जगह नहीं मिल पाती।
इस वजह से कई बार दुर्व्यवस्था फैल जाती है और भक्तों को नाराज होना पड़ता है। शनिवार को कुछ विशिष्ट जनों के आने की सूचना थी। इसलिए मंगला आरती में अधिक भीड़ न होने से बचने के लिए यह कदम उठाया गया था।